Maharashtra FDA bans sale of junk food within 50 metres of schools || Image- IBC24 News Archive
मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्यभर के स्कूलों में छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। (Maharashtra FDA bans sale of junk food within 50 metres of schools) अब स्कूल परिसर के भीतर और उसके 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की सेलिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और विज्ञापन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
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एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने बताया कि अधिक वसा, ट्रांस फैट और चीनी वाले खाद्य पदार्थों पर रोक लगाई गई है। प्रतिबंधित वस्तुओं में वड़ा पाव, समोसा, कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, आइसक्रीम, मीठे पेय और डीप-फ्राइड फूड शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन खाद्य पदार्थों की बिक्री, मुफ्त वितरण और विज्ञापन स्कूल परिसर तथा उसके 50 मीटर के आसपास भी नहीं किया जा सकेगा।
एफडीए ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य की होगी। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित प्राचार्य और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। (Maharashtra FDA bans sale of junk food within 50 metres of schools) तुकाराम मुंडे ने कहा कि जल्द ही पूरे राज्य में निरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। साथ ही एफडीए जिला और तहसील स्तर पर स्कूल प्रबंधन के साथ कार्यशालाएं आयोजित कर इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करेगा। अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
एफडीए आयुक्त ने एमपीएससी फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई को एक व्यक्ति की ओर से ईमेल के माध्यम से शिकायत मिली थी। 24 जुलाई को उसका बयान दर्ज किया गया और प्राप्त दस्तावेज तथा बयान आगे की कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) को भेज दिए गए हैं।
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इससे पहले जुलाई में मुंबई के भेंडी बाजार और उमरखाड़ी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर एफडीए ने छह प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर तीन भोजनालयों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे। (Maharashtra FDA bans sale of junk food within 50 metres of schools) निरीक्षण में गीले और फिसलन भरे किचन, कच्चे माल की खरीद का रिकॉर्ड नहीं होना, पेयजल गुणवत्ता की जांच का अभाव, खाद्य तेल की गुणवत्ता संबंधी दस्तावेज नहीं होना तथा शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग न रखने जैसी कई कमियां सामने आई थीं।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: Commissioner, FDA Maharashtra, Tukaram Munde says, “… The primary objective behind the FDA’s actions is to ensure people have access to safe food and safe medicines, so they remain healthy. That is the FDA’s ultimate goal. As the regulatory… pic.twitter.com/p1jQAFvoGO
— ANI (@ANI) July 29, 2026
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