Delhi-Jamui Girls Harassment Case/Image Credit: File
Delhi-Jamui Girls Harassment Case: नई दिल्ली: बिहार के जमुई में 19 सितंबर की शाम ट्यूशन के बाद दसवीं में पढ़ने वाले दो बच्चे मड़वा पहाड़ी गए थे। आरोप है कि वहां कुछ युवकों ने दोनों को रोक लिया। छात्र के साथ मारपीट और गाली-गलौज की और नाबालिग छात्रा के साथ बदसलूकी की। घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की और अब मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस की गोली से घायल होकर गिरफ्तार हुआ है। पुलिस के मुताबिक भागने के दौरान हुई मुठभेड़ में नंदन के पैर में गोली लगी।
जमुई पुलिस के मुताबिक मामले में अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, इनमें 3 नाबालिग भी शामिल हैं। एक अन्य आरोपी हरेराम भी जंगल इलाके में भागते वक्त गिरकर घायल हुआ और उसका पैर टूट गया।
Delhi-Jamui Girls Harassment Case: लेकिन जमुई की इस वारदात से करीब एक हजार किलोमीटर दूर देश की राजधानी दिल्ली में भी बच्चियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली दो घटनाएं सामने आई हैं। एक ही शहर, दो अलग-अलग घटनाएं और दोनों में पीड़िताएं नाबालिग।
पहली घटना दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क की है। पुलिस के मुताबिक 17 साल की लड़की अपनी दोस्त के साथ मंदिर गई थी। शाम करीब 7 बजे दर्शन के बाद दोनों पार्क की तरफ गईं। करीब साढ़े 7 बजे तीन युवक वहां पहुंचे। खुद को पुलिसकर्मी बताया और डराकर लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया। (Delhi-Jamui Girls Harassment Case) इसके बाद तीनों पर लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी आसिफ को पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आसिफ ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
और दिल्ली में ही दूसरी वारदात सदर बाजार में 10 साल की बच्ची रात करीब 11 बजे स्टेशनरी खरीदने घर से निकली थी। पुलिस के मुताबिक 56 साल के मकसूद ने उसे बहाने से अपनी दुकान में बुलाया। जहां बच्ची को कथित तौर पर बंधक बनाकर यौन शोषण किया गया। मामले में आरोपी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
Delhi-Jamui Girls Harassment Case: ये सिर्फ तीन घटनाओं की कहानी नहीं है। NCRB की 2024 रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में बच्चों के खिलाफ अपराध के 7,662 मामले दर्ज हुए। यानी औसतन हर दिन करीब 21 मामले और दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 13,396 मामले दर्ज हुए, जिनमें 1,058 रेप केस शामिल थे। आंकड़े पुराने हैं, लेकिन सवाल आज का है। जमुई हो या दिल्ली, बच्चियों की उम्र छोटी है, लेकिन उनके डर की कहानी बहुत बड़ी है। जिस उम्र में उन्हें स्कूल, किताब और सपनों की चिंता होनी चाहिए उस उम्र में अगर उन्हें सड़क पार्क और दुकान तक जाने से डर लगे तो ये सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, पूरे समाज के लिए सबसे बड़ा सवाल है।
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