ठाणे, 23 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र सरकार द्वारा आदिवासी छात्रावासों के विद्यार्थियों को यूनियन बनाने से रोकने के कथित कदम की आदिवासी विकास समीक्षा समिति के अध्यक्ष विवेक पंडित ने आलोचना की है।
मुंबई के बाहरी इलाके वसई में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में पंडित ने कहा कि आदिवासी छात्रों के पास शांतिपूर्ण तरीके से संगठित होने और विरोध प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के कथित रूप से खराब होते हालात पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्र अब भी शिक्षकों, किताबों और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
भाषा
राखी दिलीप
दिलीप