मुंबई, चार सितंबर (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार को त्योहारों के दौरान तेज आवाज वाले उपकरणों और लेजर लाइट के इस्तेमाल को लेकर नीति बनानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस में इस मुद्दे पर कार्रवाई करने का साहस नहीं है।
पुणे में तेज आवाज वाले उपकरणों का विरोध करने वाले एक कार्यकर्ता पर हमले के बाद राज्य सरकार की आलोचना करते हुए राउत ने कहा कि केवल कुछ शहरों में अलग-अलग प्रतिबंध लगाना पर्याप्त नहीं है क्योंकि यह मुद्दा लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “गृह विभाग का किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई स्पष्ट रुख नहीं है।”
विद्यानंद बापट त्योहारों के दौरान ‘डीजे’ और तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं और गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
बृहस्पतिवार को पुणे के तिलक रोड पर एक टीवी समाचार चैनल से बात करते समय उन पर हमला किया गया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और पुलिस ने कथित हमलावर को हिरासत में ले लिया।
नागपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को आगामी त्योहारों के दौरान तेज आवाज वाले उपकरणों व लेजर लाइट के इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।
राउत ने कहा, “यह नीतिगत फैसला है और यह केवल एक शहर के लिए नहीं लिया जा सकता… चाहे डीजे का इस्तेमाल हो या लेजर लाइट का, ये लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। गृह मंत्री में इस मुद्दे पर नीतिगत फैसला लेने का साहस नहीं है।”
मुख्यमंत्री फडणवीस के पास गृह विभाग भी है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि पुणे में गणेश उत्सव के दौरान डीजे सिस्टम के इस्तेमाल का विरोध करने के लिए हजारों लोग जमा हुए थे और नागपुर तथा अन्य शहरों में भी ऐसी मांगें उठाई गई थीं।
उन्होंने सवाल किया, “अगर सरकार लोगों की भावनाओं का सम्मान करती है, तो वह लोगों की इच्छा के अनुसार कार्रवाई करने से क्यों डर रही है?”
भाषा जोहेब नरेश
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