पुणे, चार सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने विपक्षी नेताओं से अपने पति अजित पवार की मौत का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील की और कहा कि दिवंगत नेता की मां, बच्चों और उनके खुद के दुख को कोई और नहीं समझ सकता।
महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की इस साल 28 जनवरी को पुणे जिले में बारामती हवाई अड्डे के पास विमान हादसे में मौत हो गई थी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की मौजूदा अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने बृहस्पतिवार को यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘अजित दादा के निधन से महाराष्ट्र में जो खालीपन पैदा हुआ है, वह बहुत बड़ा है। उस दुख को उनकी मां, उनके बच्चों और मुझसे बेहतर कौन समझ सकता है? इसलिए अजित दादा के हादसे का राजनीतिकरण न करें।’’
उन्होंने कहा कि परिवार और अन्य संबंधित लोग हादसे के बाद ठोस निर्णय चाहते थे और इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पहले ही मिल चुके हैं। इस बारे में सभी को जानकारी है। मुख्यमंत्री (देवेंद्र फडणवीस) ने विधानसभा में भी कहा है और उसे पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।’’
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कानून और संविधान पर भरोसा है तथा जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और उन्हें समय दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जांच के संबंध में बार-बार मीडिया के सामने आना और जांच की प्रगति की जानकारी देना, दोनों को एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए।
सुनेत्रा पवार ने कहा, ‘‘लगातार मीडिया के सामने आने का यह मतलब नहीं है कि जांच की कोई नई जानकारी मिल रही है।’’
उन्होंने इस मामले पर टिप्पणी करने वाले सभी लोगों से अजित पवार की मां, अपने बच्चों और खुद उनके दुख को ध्यान में रखने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘हर किसी को सोचना चाहिए कि अजित दादा की मां, उनके बच्चों और मुझसे ज्यादा इस घटना से आहत कौन हो सकता है।’’
सुनेत्रा पवार की यह टिप्पणी राकांपा (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले द्वारा राकांपा पर हादसे के बाद ‘सत्ता का आनंद लेने’ का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद आई है।
दरअसल सुले ने बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘‘मेरे भाई (चचेरे भाई अजित पवार) की मौत के संबंध में प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई? हमने अपने परिवार के एक प्रमुख सदस्य को खो दिया है। राकांपा (अजित पवार गुट) मौजूदा सरकार का हिस्सा है… क्या उनके 40 विधायकों या आठ-नौ मंत्रियों में से किसी ने मेरे भाई की मौत के संबंध में प्राथमिकी या उचित जांच की मांग करते हुए एक शब्द भी कहा है? हमारा भाई चला गया और वे सत्ता का आनंद ले रहे हैं।’’
भाषा शोभना वैभव
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