महाराष्ट्र एफडीआई आकर्षित करने में अग्रणी, निवेशकों के लिए भरोसेमंद स्थल : राज्यपाल आचार्य देवव्रत

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महाराष्ट्र एफडीआई आकर्षित करने में अग्रणी, निवेशकों के लिए भरोसेमंद स्थल : राज्यपाल आचार्य देवव्रत

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  • Publish Date - January 26, 2026 / 11:37 AM IST,
    Updated On - January 26, 2026 / 11:37 AM IST

मुंबई, 26 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सोमवार को कहा कि यह राज्य प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करने में लगातार अग्रणी रहा है और वैश्विक निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद स्थल के रूप में उभरा है।

गणतंत्र दिवस पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र ने एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का स्पष्ट और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है और देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।

देवव्रत ने कहा, ‘‘सड़क, रेल, बंदरगाह, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में महाराष्ट्र देश का अग्रणी राज्य है। कृषि, उद्योग, व्यापार और परिवहन में यह राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्वकारी भूमिका निभाता है। मुंबई ने राज्य के आर्थिक विकास में निर्णायक भूमिका निभाई है।’’

उन्होंने कहा कि देश की वित्तीय राजधानी मुंबई भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ती है।

राज्यपाल ने बताया कि पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर शिक्षा, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार के केंद्र के रूप में उभर रहे हैं, जिससे महाराष्ट्र का संतुलित और समावेशी विकास तेज हो रहा है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में महाराष्ट्र साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी राज्य है और उद्यमी व मेहनती नागरिक राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं।

देवव्रत ने कहा कि महाराष्ट्र भारत की आर्थिक वृद्धि का एक शक्तिशाली इंजन है और इसकी ‘संत परंपरा’, सामाजिक चेतना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इसकी विशिष्ट पहचान को परिभाषित करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान की महानता की याद दिलाता है। यह संविधान के मुख्य शिल्पकार डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों के अमूल्य योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।’’

उन्होंने कहा कि संविधान राष्ट्र को समर्पित करते समय डॉ. आंबेडकर ने यह भी कहा था कि राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक असमानताओं से मुक्ति भी उतनी ही आवश्यक है। इसलिए संविधान न केवल राजनीतिक समानता, बल्कि सामाजिक और आर्थिक न्याय भी प्रदान करता है।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा