मुंबई, 25 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की दावोस स्थित विश्व आर्थिक मंच (डब्लयूईएफ) में पहुंचने की आलोचना करना उचित नहीं है, लेकिन उन्होंने वहां घोषित निवेश प्रतिबद्धताओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक ‘श्वेत पत्र’ जारी किये जाने की मांग की।
फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा था कि महाराष्ट्र ने दावोस स्थित विश्व आर्थिक मंच में 30 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं जिससे उद्योग, सेवा, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में 40 लाख तक रोजगार सृजित हो सकते हैं।
चव्हाण ने कहा कि यदि वास्तव में 30 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए हैं, तो यह खुशी की बात है क्योंकि महाराष्ट्र के विकास के लिए विदेशी निवेश आवश्यक है।
हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल प्रचार के लिए बढ़ा-चढ़ाकर आंकड़े पेश करना भ्रामक है, क्योंकि सच्चाई अंततः सामने आ जाती है।
पूर्व के निवेश शिखर सम्मेलनों पर सवाल उठाते हुए चव्हाण ने पूछा कि पिछले वर्षों में दावोस में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों से महाराष्ट्र में वास्तव में कितने उद्योग शुरू हुए, कितना निवेश वास्तव में हुआ और कितनी संख्या में वास्तविक तौर पर रोजगार सृजित हुए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावोस में स्थानीय कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने की भी आलोचना की और कर्नाटक के उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि कर्नाटक सरकार शिखर सम्मेलन में केवल विदेशी निवेशकों के साथ ही समझौते करती है।
चव्हाण ने दावा किया, ‘‘इससे कर्नाटक को महाराष्ट्र की तुलना में अधिक विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने और उच्च प्रति व्यक्ति आय प्राप्त करने में मदद मिली है।’’
दावोस में अदाणी और लोढ़ा जैसी मुंबई स्थित कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर को ‘क्रूर मज़ाक’ बताते हुए चव्हाण ने कहा कि इससे विदेशी पूंजी आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय निवेश सम्मेलन का उद्देश्य ही विफल हो जाता है।
चव्हाण ने मांग की कि मुख्यमंत्री को दावोस की पिछली यात्राओं के दौरान हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों की स्थिति और वर्तमान कार्यकाल में शुरू हुई पर्याप्त विदेशी प्रत्यक्ष निवेश वाली प्रमुख परियोजनाओं पर एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
स्विट्जरलैंड के शहर से बृहस्पतिवार को ‘वर्चुअल’ पत्रकार वार्ता में फडणवीस ने कहा था कि 7-10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए बातचीत प्रारंभिक चरण में है और अगले दो महीनों में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि 83 प्रतिशत समझौता ज्ञापन का संबंध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से है। उन्होंने यह भी कहा था कि 16 प्रतिशत निवेश वित्तीय संस्थानों में तकनीकी साझेदारी के रूप में हैं।
फडणवीस ने बताया था कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का 83 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, जापान, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, नीदरलैंड, नॉर्वे, इटली, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, यूएई, स्पेन, कनाडा और बेल्जियम सहित 18 देशों से आएगा।
भाषा संतोष नरेश
नरेश