पद्म पुरस्कार से मुझे किसानों के लिए और अधिक काम करने की प्रेरणा मिलेगी: कृषि नवाचारक

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पद्म पुरस्कार से मुझे किसानों के लिए और अधिक काम करने की प्रेरणा मिलेगी: कृषि नवाचारक

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 09:58 PM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 09:58 PM IST

लातूर, 25 जनवरी (भाषा) ‘अनाम नायकों’ की श्रेणी में पद्म पुरस्कार के लिए चुने गए 79 वर्षीय कृषि नवाचारक श्रीरंग देवबा लाड ने कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत खुशी का विषय नहीं है, बल्कि किसानों के लिए और अधिक काम करने की प्रेरणा है।

मध्य महाराष्ट्र के परभणी जिले के मालसोना गांव के निवासी श्रीरंग देवबा लाड को दादा लाड के नाम से भी जाना जाता है। उन्हें कपास अनुसंधान में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया था।

उनके शोध के माध्यम से विकसित कपास की किस्मों से पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे हजारों किसानों को आर्थिक राहत मिली है।

कृषि समुदाय में ‘कृषि ऋषि’ के नाम से मशहूर लाड ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह पुरस्कार लोगों में तकनीकी ज्ञान फैलाने में मदद करेगा और देश भर के किसानों को लाभ पहुंचाएगा।

उन्होंने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए व्यक्तिगत खुशी का विषय नहीं है। मेरा शोध अब विभिन्न मीडिया मंचों के माध्यम से किसानों तक पहुंचेगा। जब किसान इन तरीकों को अपनाकर अपनी फसल की पैदावार बढ़ाएंगे, तो उनके जीवन में खुशियां फैलेंगी, और यही मेरी सच्ची खुशी होगी।”

उन्होंने कहा, “मैं एक किसान परिवार से आता हूं और बचपन से ही कृषि से जुड़ा रहा हूं। मेरी लगन और रुचि को देखते हुए, भारतीय किसान संघ ने मुझे उनके साथ काम करने का अवसर दिया।”

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, केंद्र ने 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की, जिनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं।

एक जनवरी, 1947 को जन्मे लाड ने परभणी में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। बाद में उन्होंने स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

वर्तमान में, वह आरएसएस से संबद्ध भारतीय किसान संघ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात के लिए ‘क्षेत्रीय संगठन मंत्री’ के रूप में कार्यरत हैं।

भाषा

नोमान नरेश

नरेश