महाराष्ट्र:बचावदलों ने मलबे में फंसे आठ लोगों तक पहुंचने के लिए तीन दिन बाद रास्ता बनाना शुरू किया

महाराष्ट्र:बचावदलों ने मलबे में फंसे आठ लोगों तक पहुंचने के लिए तीन दिन बाद रास्ता बनाना शुरू किया

महाराष्ट्र:बचावदलों ने मलबे में फंसे आठ लोगों तक पहुंचने के लिए तीन दिन बाद रास्ता बनाना शुरू किया
Modified Date: July 10, 2026 / 08:01 pm IST
Published Date: July 10, 2026 8:01 pm IST

पुणे, 10 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र में पुणे जिले के मोशी में एक कचरा प्रसंस्करण इकाई में बचाव अभियान शुक्रवार को महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया और बचाव दल मलबा हटाते हुए अंदर फंसे आठ लोगों तक सुरक्षित पहुंचने के लिए रास्ता बनाने में जुट गए हैं।

तीन दिन पहले कूड़े के पहाड़ का एक हिस्सा इस इकाई पर गिर गया था।

अधिकारियों ने बताया कि इमारत का आगे का हिस्सा पूरी तरह कचरे के नीचे दबा हुआ है इसलिए क्षतिग्रस्त ढांचे को स्थिर करने के बाद बचावकर्मियों को फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए पीछे की ओर से जाना पड़ रहा है।

पिंपरी-चिंचवड औद्योगिक क्षेत्र के मोशी में कचरे से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्र के ऊपर बनी तीन मंजिला इमारत बुधवार दोपहर कूड़े के पहाड़ का एक हिस्सा गिरने से ढह गई थी। इसके मलबे में करीब 18 लोग फंस गए थे।

इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है जबकि घटनास्थल पर कई एजेंसियों द्वारा चलाए गए बचाव अभियान के बाद अब तक नौ लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है।

बृहस्पतिवार दोपहर से बचाव अभियान में कोई प्रगति नहीं हुई और अब भी आठ लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है।

अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने के लिए खुदाई करने वाली मशीनें, जेसीबी और डंपर जैसे भारी उपकरण लगाए गए हैं।

यह काम राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की निगरानी में किया जा रहा है तथा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि मशीनों के कंपन और उनकी आवाजाही से अंदर फंसे लोगों को कोई खतरा न हो।

घटना के बाद से बचाव अभियान 45 घंटे से अधिक समय से जारी है।

बचावकर्मी उन स्थानों तक पहुंचने पर ध्यान दे रहे हैं, जहां पहले बचाए गए लोगों से मिली जानकारी के आधार पर फंसे हुए लोगों के होने की संभावना है।

पिंपरी-चिंचवड के निगम आयुक्त विजय सूर्यवंशी, पुलिस आयुक्त विजयकुमार चौबे और एनडीआरएफ के कमांडेंट प्रवीण धत्ते ने घटनास्थल पर पहुंचकर अभियान की प्रगति की समीक्षा की तथा बचाव कार्य के अगले चरण की रणनीति पर चर्चा की।

सूर्यवंशी ने बताया, “बचाव अभियान का अंतिम चरण बेहद महत्वपूर्ण है। एनडीआरएफ के अनुसार, यह एक बहुत जटिल घटना है और बचावकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता है।”

निगम आयुक्त ने बताया कि मलबे में फंसे लोग इमारत के पेंट्री वाले हिस्से में होने की संभावना है।

उन्होंने बताया, “पेंट्री तक पहुंचने के लिए बड़ी मात्रा में कचरा हटाना था। अब तक करीब 80 प्रतिशत कचरा हटाया जा चुका है। अगला कदम इमारत के ढांचे और दीवारों के हिस्सों को हटाना है। जैसे ही ढांचा स्थिर होगा, बचाव दल अंदर जाकर फंसे हुए लोगों तक पहुंचेंगे।”

उन्होंने बताया कि सभी जरूरी उपकरणों की मदद ली जा रही है और अभियान में शामिल एजेंसियों को बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

भाषा जितेंद्र राजकुमार

राजकुमार


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