महाराष्ट्र के धर्मांतरण-निरोधक कानून से मुसलमानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा: प्यारे खान

महाराष्ट्र के धर्मांतरण-निरोधक कानून से मुसलमानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा: प्यारे खान

महाराष्ट्र के धर्मांतरण-निरोधक कानून से मुसलमानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा: प्यारे खान
Modified Date: August 28, 2026 / 08:06 pm IST
Published Date: August 28, 2026 8:06 pm IST

नागपुर, 28 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने शुक्रवार को राज्य के धर्म-परिवर्तन निरोधक कानून को लागू किए जाने का स्वागत किया और कहा कि मुस्लिम समुदाय को इससे सबसे अधिक लाभ होगा।

हालांकि, विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की और कहा कि सत्ताधारी पार्टी के पास हिंदुओं और मुसलमानों को आपस में लड़ाने के अलावा कोई और काम नहीं बचा है।

पार्टी ने यह भी कहा कि सरकार को इसके बजाय शिक्षा, नौकरी और विदेशी निवेश जैसे अहम मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

महाराष्ट्र का धर्म-परिवर्तन निरोधक कानून ‘महाराष्ट्र धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम, 2026’ शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर लागू हो गया। इसे राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिल गई थी और 30 जुलाई को इसकी आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना जारी की गई थी।

यह नया कानून जबरदस्ती, धोखाधड़ी, लालच या शादी के जरिए किए जाने वाले धर्म-परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ करता है।

नए कानून के तहत जो व्यक्ति दूसरा धर्म अपनाना चाहता है, उसे कम से कम 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचित करना होगा। कानून में प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने पर सात साल की सजा का प्रावधान है।

‘पीटीआई वीडियो’ से बात करते हुए खान ने यह कानून लाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बधाई दी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कानून सभी परिवारों की चिंताओं और घबराहट को दूर करता है, चाहे वे मुस्लिम, ईसाई, सिख, पारसी या हिंदू हों। यह कानून शादी के बाद लड़की की मूल धार्मिक पहचान की रक्षा करेगा। इसका मतलब है कि अगर कोई मुस्लिम लड़की हिंदू बनना चाहती है, तो वह कानूनी तौर पर मुस्लिम ही बनी रहेगी और ऐसा ही दूसरी तरफ भी होगा।’’

खान ने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा कानून है और इससे परिवारों की चिंताएं खत्म होती हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा मुसलमानों को होगा। अगर आप देखें कि इस कानून से सबसे अधिक फायदा किसे होगा, तो वे मुसलमान होंगे क्योंकि इसके जरिए उनकी मूल पहचान सुरक्षित रहेगी। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक बहुत अच्छा कदम है और इसके लिए मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं।’’

इस बीच धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून को लेकर भाजपा की आलोचना करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि भाजपा के पास ऐसे मुद्दों के अलावा और कोई काम नहीं बचा है।

उन्होंने कहा, ‘‘देश में जबरन धर्म-परिवर्तन के खिलाफ पहले से ही कानून मौजूद हैं… भाजपा उन 17,000 से 18,000 स्कूलों को फिर से नहीं खोलना चाहती जो बंद कर दिए गए हैं।’’

भाषा संतोष माधव

माधव


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