नाबालिग से बलात्कार के मामले में व्यक्ति को 20 साल का कारावास

नाबालिग से बलात्कार के मामले में व्यक्ति को 20 साल का कारावास

नाबालिग से बलात्कार के मामले में व्यक्ति को 20 साल का कारावास
Modified Date: January 23, 2026 / 03:21 pm IST
Published Date: January 23, 2026 3:21 pm IST

ठाणे, 23 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने एक व्यक्ति को 17 वर्षीय लड़की के साथ बार-बार बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के आरोप में 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

पॉक्सो की विशेष अदालत की न्यायाधीश रूबी यू मालवंकर ने बृहस्पतिवार को गौरांग गिरीश कंथारिया (23) को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन) (एक ही महिला से बार-बार बलात्कार करना) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के संबंधित प्रावधान के तहत दोषी ठहराया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, भायंदर पूर्व निवासी कंथारिया ने 2021 में पीड़िता से शादी का वादा करके दोस्ती की और कई बार उसका बलात्कार किया। उसके खिलाफ 30 जनवरी 2022 को मामला दर्ज किया गया था।

बार-बार हुए बलात्कार के कारण लड़की गर्भवती हो गई और उसने 15 अगस्त 2023 को एक लड़के को जन्म दिया।

अदालत ने बचाव पक्ष के इस तर्क को खारिज कर दिया कि पीड़िता की उम्र के आधार पर यह संबंध आपसी सहमति से बना था।

न्यायाधीश ने कहा, ‘निस्संदेह, अभियोजन पक्ष द्वारा यह संदेह से परे सिद्ध कर दिया गया है कि अपराध की तिथि को पीड़िता नाबालिग थी। यह विधि में स्थापित सिद्धांत है कि कोई नाबालिग किसी भी प्रकार का अनुबंध करने में सक्षम नहीं होता और न ही वह सहमति देने में सक्षम होता है। अतः कानून की दृष्टि में नाबालिग की सहमति, सहमति मानी ही नहीं जाती।’

अभियोजन पक्ष ने आरोपों को साबित करने के लिए तीन गवाह पेश किए।

हालांकि आरोपी ने अपनी उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए नरमी बरतने की गुहार लगाई, लेकिन अदालत ने एक बच्ची के खिलाफ किए गए अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखा।

न्यायाधीश ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और पीड़ित को मुआवजे के रूप में 2,000 रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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