लूट और यौन उत्पीड़न के मामले में व्यक्ति को उम्रकैद की सजा

लूट और यौन उत्पीड़न के मामले में व्यक्ति को उम्रकैद की सजा

लूट और यौन उत्पीड़न के मामले में व्यक्ति को उम्रकैद की सजा
Modified Date: September 24, 2026 / 09:29 pm IST
Published Date: September 24, 2026 9:29 pm IST

ठाणे, 24 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2022 में यौन उत्पीड़न और लूट के एक मामले में एक कुख्यात अपराधी को उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि उसके साथी को पांच साल के कारावास की सजा दी गयी।

महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) अदालत के विशेष न्यायाधीश बी. डी. शेल्के ने बुधवार को दिए आदेश में प्रत्येक दोषी पर 15-15 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया।

विशेष लोक अभियोजक संजय मोरे ने पीड़िता समेत 13 गवाहों से जिरह की और मुख्य आरोपी निशांत मनोजकुमार मिश्रा उर्फ मोनू राइडर (39) तथा उसके साथी नीरज ओमप्रकाश राय (22) के खिलाफ आरोप साबित किए।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 18 और 19 जनवरी, 2022 की दरमियानी रात दोनों आरोपियों ने नालासोपारा ईस्ट स्थित दंपति के घर में जबरन घुसे।

अभियोजन पक्ष ने बताया कि राय ने पति को बंधक बना लिया, जबकि मिश्रा ने महिला का यौन उत्पीड़न किया और घर से 1,000 रुपये लूट लिये।

बचाव पक्ष के वकील ने प्राथमिकी दर्ज करने में देरी और महिला के पड़ोस के उन गवाहों से पूछताछ नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया, जिनके बयान नहीं लिये गए थे।

अदालत ने हालांकि कहा कि पीड़िता की गवाही को चिकित्सकीय साक्ष्यों का पूरा समर्थन मिला, जिसमें काटने के निशान और विरोध के दौरान आई चोटें शामिल हैं।

अदालत ने कहा, ‘‘पीड़िता की गवाही भी पर्याप्त है, बशर्ते वह विश्वास उत्पन्न करती हो और पूरी तरह विश्वसनीय हो।’’

अदालत ने मकोका के तहत लगाए गए आरोपों पर मिश्रा के खिलाफ हत्या, डकैती और लूट जैसे मामलों से जुड़े 16 पुराने आरोप-पत्रों की समीक्षा की।

अदालत ने मिश्रा को उम्रकैद की सजा सुनाई जबकि पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रखने वाले राय को पांच साल के कारावास की सजा दी गयी।

भाषा जितेंद्र सुरेश

सुरेश


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