एमपीएससी को सभी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हों; सरकार सुधारों में मदद करेगी: फडणवीस

एमपीएससी को सभी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हों; सरकार सुधारों में मदद करेगी: फडणवीस

एमपीएससी को सभी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हों; सरकार सुधारों में मदद करेगी: फडणवीस
Modified Date: August 27, 2026 / 09:57 pm IST
Published Date: August 27, 2026 9:57 pm IST

मुंबई, 27 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की सभी भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी तरीके से आयोजित की जानी चाहिए और सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार लागू करने के लिए हर जरूरी मदद देगी।

उन्होंने यह बयान मुंबई पुलिस द्वारा इस साल मार्च में हुई ड्रग इंस्पेक्टर ‘ग्रुप-बी’ परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में एमपीएससी के तीन अधिकारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद दिया।

फडणवीस ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, ‘‘सभी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। सरकार का यही रुख है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच कर रही पुलिस को पता चला कि लीक हुआ प्रश्न पत्र कुछ लोगों तक पहुंच गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह जरूरी था कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एमपीएससी पूरी परीक्षा रद्द करे।’’

फडणवीस ने कहा कि सरकार ने सुधारों का सुझाव देने के लिए एक समिति बनाई है और एमपीएससी से भी आंतरिक सुधार करने को कहा है।

उन्होंने कहा कि समिति अलग-अलग संभाग का दौरा करेगी और छात्रों, शिक्षकों व अन्य संबंधित लोगों से बातचीत करके भविष्य की परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए एक मजबूत प्रणाली तैयार करेगी।

फडणवीस ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिशों की भी आलोचना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय की मांगों पर कार्रवाई की है और उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि जो प्रतिनिधि हमारे साथ बातचीत कर रहे हैं, वे सरकार के फैसलों की जानकारी समुदाय तक पहुंचाएंगे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि महायुति सरकार ने मराठा समुदाय के हित में कई फैसले लिए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘2014 से लेकर 2026 तक, महायुति सरकार ने ही मराठा समुदाय के हित में फैसले लिए हैं। यह बात पूरे मराठा समुदाय को पता है।’’

फडणवीस ने कहा, ‘‘अगर और फैसले लेने की जरूरत पड़ी, तो हम ऐसा करेंगे।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव


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