महाराष्ट्र में गौरक्षकों पर दलित व्यक्ति के साथ मारपीट करने और मुंह में गोबर डालने का आरोप
महाराष्ट्र में गौरक्षकों पर दलित व्यक्ति के साथ मारपीट करने और मुंह में गोबर डालने का आरोप
जालना (महाराष्ट्र), 27 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र पुलिस ने एक बैल को कसाई के हाथों बेचने की साजिश रचने का आरोप लगाकर एक दलित व्यक्ति के साथ कथित रूप से मारपीट करने तथा उसे गाय का गोबर खाने के लिए मजबूर करने को लेकर बृहस्पतिवार को छह ‘गौ-रक्षकों’ के खिलाफ मामला दर्ज किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना कथित तौर पर मई में हुई थी, लेकिन पीड़ित पुलिस के पास तब पहुंचा जब सोशल मीडिया पर इस कथित हमले का एक वीडियो प्रसारित हुआ।
शिकायतकर्ता परमेश्वर सुहास हिवले ने पुलिस को बताया कि 23 मई को वह देउलगांव राजा में मवेशियों के साप्ताहिक बाज़ार से एक बैल खरीदकर अपने 11 साल के बेटे और परिचित नारायण मारोती कांबले के साथ जालना लौट रहे थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार गौ-रक्षक होने का दावा करने वाले बजरंग दल के कुछ कथित सदस्यों ने कन्हैयानगर इलाके में उनकी गाड़ी रोकी और आरोप लगाया कि वह बैल को एक मुस्लिम कसाई को बेचने की योजना बना रहे हैं।
हिवले का आरोप है कि उन्होंने इससे इनकार किया और बैल की खरीद से जुड़े दस्तावेज़ भी दिखाए, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने थप्पड़ मारा , नाम और जाति पूछकर जातिसूचक गालियां दीं एवं ज़बरदस्ती उनके मुंह में गोबर भर दिया ।
उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके नाबालिग बेटे के मुंह में जबरदस्ती गोबर डालने की भी कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया।
शिकायकर्ता के अनुसार उनके साथी कांबले के साथ भी कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट की गई, और गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया।
आरोपियों में से एक ने घटना का वीडियो मोबाइल फ़ोन पर रिकॉर्ड किया तथा उन्हें एवं उनके परिवार को धमकी दी कि अगर वे पुलिस के पास गए तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
जब हिवले को पता चला कि घटना का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर प्रसारित हो रहा है, तो वह 21 अगस्त को जालना तहसील पुलिस स्टेशन पहुंचे।
पुलिस निरीक्षक संतोष साबले ने बताया कि छह लोगों की पहचान की गई है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 115(2) (जानबूझकर किसी को शारीरिक चोट पहुंचाना), 189(2) (गैर-कानूनी जमावड़ा) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम साली ने ‘पीटीआई-भाषा’ को पुष्टि की कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि एक उपसंभागीय पुलिस अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
भाषा राजकुमार पवनेश
पवनेश

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