मुंबई विस्फोट : अदालत ने दो आरोपियों की इकबालिया बयानों को शामिल न करने की याचिका खारिज की
मुंबई विस्फोट : अदालत ने दो आरोपियों की इकबालिया बयानों को शामिल न करने की याचिका खारिज की
मुंबई, 12 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की एक विशेष अदालत ने 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में दो आरोपियों की एक याचिका खारिज कर दी है, जिसमें पिछली सुनवाई का हिस्सा रहे इकबालिया बयानों को खारिज करने की मांग की गई थी।
विशेष आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (टाडा) न्यायाधीश वी डी केदार ने 10 सितंबर को पारित आदेश में कहा कि उन्हें शोएब कुरैशी और यूसुफ इस्माइल शेख की ओर से दायर याचिकाओं में कोई योग्यता नहीं मिली। दोनों ही वर्तमान में इस मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
दोनों आरोपियों ने तर्क दिया कि उनके इकबालिया बयान अस्वीकार्य हैं, क्योंकि उन पर बयान देने वाले व्यक्तियों के साथ संयुक्त रूप से मुकदमा नहीं चलाया गया।
हालांकि, अदालत ने तर्क दिया कि मामले में अबू सलेम और मुस्तफा अहमद दोसा सहित अन्य आरोपियों ने मुकदमे के दूसरे भाग में यही मुद्दे उठाए थे और उन्हें पूर्ववर्ती न्यायाधीश ने खारिज कर दिया था।
कुरैशी और शेख बम धमाकों के उन मूल 189 आरोपियों में शामिल नहीं थे जिनके खिलाफ चार नवंबर 1993 को आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
उनके नाम एक पूरक आरोपपत्र में दर्ज किए गए और बाद में उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया। मुकदमे के पहले दो भाग समाप्त होने के बाद, दोनों को 21 मई, 2022 को गिरफ्तार किया गया था।
भाषा रवि कांत रवि कांत माधव
माधव

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