मुंबई की अदालत ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में भाजपा नेता नवनीत राणा को आरोपमुक्त किया

मुंबई की अदालत ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में भाजपा नेता नवनीत राणा को आरोपमुक्त किया

मुंबई की अदालत ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में भाजपा नेता नवनीत राणा को आरोपमुक्त किया
Modified Date: January 7, 2026 / 10:08 pm IST
Published Date: January 7, 2026 10:08 pm IST

मुंबई, सात जनवरी (भाषा) मुंबई की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा को फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में बुधवार को आरोपमुक्त कर दिया।

आरोपमुक्त करने के अनुरोध वाली उनकी याचिका न्यायिक मजिस्ट्रेट (मजगांव अदालत) ए ए कुलकर्णी ने स्वीकार कर ली। मामले में अभी विस्तृत आदेश उपलब्ध नहीं है।

हालांकि, राणा के पिता हरभजनसिंह कुंडलेस के खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा क्योंकि अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने के लिए मामले को 16 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है।

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अनुसूचित जाति से होने का दावा करने वाली राणा पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद (2019-24) रह चुकी हैं। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गईं।

मुंबई के मुलुंड थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, राणा और उनके पिता ने उनका (राणा का) जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर दस्तावेजों में हेराफेरी की, क्योंकि अमरावती लोकसभा सीट, जहां से उन्होंने चुनाव लड़ा था, अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है।

बंबई उच्च न्यायालय ने 2021 में राणा को जारी किया गया जाति प्रमाण पत्र यह कहते हुए रद्द कर दिया था इसे जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से प्राप्त किया गया था।

अप्रैल 2024 में, उच्चतम न्यायालय ने राणा का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बहाल कर दिया, जिससे वह लोकसभा चुनाव लड़ने में सक्षम हो गईं। हालांकि, वह भाजपा के टिकट पर अमरावती सीट से 2024 का चुनाव हार गईं।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश


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