मुंबईः जाति प्रमाण पत्र अमान्य करार दिए जाने के बाद शिवसेना (उबाठा) पार्षद अयोग्य घोषित

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मुंबईः जाति प्रमाण पत्र अमान्य करार दिए जाने के बाद शिवसेना (उबाठा) पार्षद अयोग्य घोषित

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  • Publish Date - June 18, 2026 / 08:19 PM IST,
    Updated On - June 18, 2026 / 08:19 PM IST

मुंबई, 18 जून (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के एक पार्षद को जांच समिति द्वारा जाति प्रमाण पत्र अमान्य करार दिए जाने के बाद अयोग्य घोषित किया गया है।

मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने बृहस्पतिवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की आम बैठक में घोषणा की कि कांजुरमार्ग के वार्ड संख्या 111 से पार्षद दीपक सावंत की सीट रिक्त हो गई है।

उन्होंने कहा कि नगरीय प्रशासन को जाति सत्यापन समिति द्वारा जारी आदेश की एक प्रति मिल गई है, जिसमें सावंत के जाति प्रमाण पत्र को अमान्य घोषित किया गया है।

सावंत को अयोग्य ठहराए जाने के साथ ही नगर निकाय में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पार्षदों की संख्या 65 से घटकर 64 हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सावंत वार्ड संख्या 111 से निर्वाचित हुए थे, जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के लिए आरक्षित सीट है। रत्नागिरी में जिला जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति द्वारा उनका जाति प्रमाण पत्र अमान्य किए जाने के बाद उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई।

इस बीच, गोवंडी क्षेत्र के वार्ड संख्या 137 से निर्वाचित एआईएमआईएम पार्षद शमीर रमजान पटेल को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा, जब अहिल्यानगर जिले की जांच समिति ने उनके जाति प्रमाण पत्र को अमान्य कर दिया। उन्होंने भी ओबीसी श्रेणी के लिए आरक्षित सीट से ही स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा था।

बीएमसी की आम बैठक के दौरान सावंत के साथ पटेल को भी अयोग्य घोषित किए जाने की घोषणा होने की संभावना थी। हालांकि, एक अदालत ने जांच समिति के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाकर उन्हें अंतरिम राहत दे दी, जिससे वह अगले निर्देशों तक पार्षद पद पर बने रहेंगे।

भाषा सुमित पवनेश

पवनेश