जेनएआई भारत की रियल एस्टेट अर्थव्यवस्था में 14 से 17 अरब डॉलर का योगदान कर सकती है: रिपोर्ट

Ads

जेनएआई भारत की रियल एस्टेट अर्थव्यवस्था में 14 से 17 अरब डॉलर का योगदान कर सकती है: रिपोर्ट

  •  
  • Publish Date - June 18, 2026 / 08:14 PM IST,
    Updated On - June 18, 2026 / 08:14 PM IST

नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) जनरेटिव कृत्रिम मेधा (जेनएआई) परिचालन दक्षता बढ़ाकर अगले सात वर्षों में भारत की तेजी से बढ़ती रियल एस्टेट अर्थव्यवस्था में 14 से 17 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त योगदान कर सकती है। एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है।

परामर्श कंपनी ईवाई-पार्थेनन और रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष संगठन क्रेडाई की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट ‘इंडियन रियल एस्टेट में जेनएआई : नवाचार की अगली सीमा का विस्तार’ के अनुसार, जेनएआई को अपनाने से बिक्री की रफ्तार 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है और परियोजना लागत में कमी आ सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रियल एस्टेट डेवलपर प्रभावी तरीके से जेनएआई का उपयोग कर परिचालन दक्षता, ग्राहकों की समझ और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने की इसकी रणनीतिक उपयोगिता को तेजी से पहचान रहे हैं।

इसके अनुसार, डेवलपर बिक्री की गति में 30-50 प्रतिशत तक सुधार और उत्पाद पेश करने की प्रक्रिया में लगभग 30 प्रतिशत तेजी ला सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारतीय रियल एस्टेट कारोबार में जेनएआई के समावेश से अगले सात वर्षों में क्षेत्र के सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) पर तीन से चार प्रतिशत प्रभाव पड़ने का अनुमान है, जिसका मूल्य 14-17 अरब अमेरिकी डॉलर बैठता है।’’

जनरेटिव एआई मौजूदा आंकड़ों में मौजूद प्रवृत्तियों का विश्लेषण कर नए विचार, डिजाइन और अन्य समाधान तैयार करने में मदद करती है।

ईवाई-पार्थेनन इंडिया में रियल एस्टेट प्रैक्टिस के पार्टनर चैतन्य सेठ ने कहा कि जनरेटिव एआई तेजी से मूल्य निर्माण और प्रतिस्पर्धात्मकता का केंद्र बनता जा रहा है, जिससे इसे न अपनाना एक बड़ा रणनीतिक जोखिम हो सकता है।

भाषा योगेश अजय

अजय