लालबागचा राजा के ‘प्रसाद’ के कचरे से मुंबई के सरकारी अस्पतालों को मिलेगी बिजली
लालबागचा राजा के 'प्रसाद' के कचरे से मुंबई के सरकारी अस्पतालों को मिलेगी बिजली
मुंबई, 12 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र की संस्कृति के प्रतीक गणेश महोत्सव के दौरान मुंबई का मशहूर ‘लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल’ आस्था और टिकाऊपन का अनोखा मेल प्रस्तुत करेगा क्योंकि उसके द्वारा संचालित प्रसाद काउंटरों से निकलने वाले गीले कचरे से शहर भर के सरकारी अस्पतालों को बिजली मिलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ‘प्रसाद से ऊर्जा’ पहल के तहत, लगभग 80 मीट्रिक टन खाने का कचरा चार नगर निकाय अस्पतालों में बने बायोमेथेनेशन संयंत्र में भेजा जाएगा ताकि 7,700 यूनिट से अधिक स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जा सके।
नगर निकाय ने यह पहल ‘लालबागचा राजा मंडल’ के साथ मिलकर शुरू की है। यह शहर के सबसे लोकप्रिय गणपति पंडालों में से एक है, जहां 11 दिन के त्योहार के दौरान मशहूर हस्तियों समेत बड़ी संख्या में भक्त आते हैं।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बीएमसी का अनुमान है कि 14 सितंबर से शुरू होने वाले 11 दिन के गणेश उत्सव के दौरान मंडल में रोज़ाना लगभग आठ से 10 मीट्रिक टन जैविक कचरा निकलेगा।
अलग-अलग किए गए कचरे को उसके स्रोत से इकट्ठा किया जाएगा और विशेष वाहनों से नायर, कस्तूरबा, जीटीबी तथा सायन अस्पतालों में बने बायोमेथेनेशन संयंत्र तक ले जाया जाएगा। इन संयंत्रों में हर दिन लगभग दो मीट्रिक टन कचरा निपटाने की क्षमता है।
हालांकि, वास्तविक बिजली उत्पादन इस बात पर निर्भर करेगा कि अलग-अलग किया गया कितना और कैसा कचरा मिलता है तथा संयंत्र किस हालत में काम कर रहे हैं।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल

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