Nagpur 3000 kg Tarri Poha : विश्व पोहा दिवस पर शेफ विष्णु मनोहर का महा-रिकॉर्ड, मिनटों में तैयार किया 3,000 किलो ‘तर्री पोहा’, बताया क्यों है यह इतना खास

विश्व पोहा दिवस के अवसर पर नागपुर में प्रसिद्ध शेफ विष्णु मनोहर ने 3,000 किलोग्राम तर्री पोहा तैयार कर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। इस आयोजन का उद्देश्य नागपुर के पारंपरिक तर्री पोहे को वैश्विक पहचान दिलाना और मध्य भारत की खाद्य संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाना है।

Nagpur 3000 kg Tarri Poha : विश्व पोहा दिवस पर शेफ विष्णु मनोहर का महा-रिकॉर्ड, मिनटों में तैयार किया 3,000 किलो ‘तर्री पोहा’, बताया क्यों है यह इतना खास

Nagpur 3000 kg Tarri Poha

Modified Date: June 7, 2026 / 10:58 am IST
Published Date: June 7, 2026 10:58 am IST
HIGHLIGHTS
  • विश्व पोहा दिवस पर नागपुर में बना अनोखा रिकॉर्ड
  • शेफ विष्णु मनोहर ने तैयार किया 3,000 किलो तर्री पोहा
  • नागपुर के प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल

नागपुर : विश्व पोहा दिवस के अवसर पर नागपुर में एक अनोखा और भव्य रिकॉर्ड बनाया गया है। प्रसिद्ध शेफ विष्णु मनोहर ने इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए भारी मात्रा में यानी कुल 3,000 किलोग्राम ‘तर्री पोहा’ तैयार किया है। इस विशाल आयोजन ने शहर के लोगों के साथ-साथ स्वाद प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

” मध्य भारत का मुख्य भोजन है पोहा”

इस खास मौके पर शेफ विष्णु मनोहर ने नागपुर के पोहे की विशेषता और इस आयोजन के उद्देश्य पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “… इसका उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना है कि नागपुर का पोहा हमारा गौरव है यह मध्य भारत का मुख्य भोजन है। नागपुर आने वाले किसी भी व्यक्ति को यहाँ का विशेष ‘तर्री पोहा’ जरूर चखना चाहिए, जिसके बारे में कई लोग नहीं जानते हैं। इसकी तर्री, प्रोटीन से भरपूर देसी चनों से बनाई जाती है, जो इसे बेहद अनोखा और खास बनाती है।”

क्या होता है तर्री पोहा ?

तर्री पोहा मुख्य रूप से नागपुर और मध्य भारत का एक बेहद लोकप्रिय और पारंपरिक स्ट्रीट फूड है, जो अपने तीखे और चटपटे स्वाद के लिए जाना जाता है। इसमें साधारण पोहे के ऊपर मसालेदार और रसीली ‘तरी’ डाली जाती है, जिसे प्रोटीन से भरपूर देसी काले चनों, टमाटर, प्याज और कड़े मसालों के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। परोसते समय इसके ऊपर बारीक कटा कच्चा प्याज, हरा धनिया, नींबू का रस और कड़क नमकीन सेव या चिवड़ा डाला जाता है, जो इसके स्वाद को दोगुना कर देता है और इसे आम पोहे से बिल्कुल अलग और अनोखा व्यंजन बनाता है।

 


लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..