नायडू ने ‘पीएफबीआर क्रांतिकता’ के महत्व को भारत के परमाणु कार्यक्रम के लिए ‘गर्व का क्षण’ बताया
नायडू ने ‘पीएफबीआर क्रांतिकता’ के महत्व को भारत के परमाणु कार्यक्रम के लिए ‘गर्व का क्षण’ बताया
अमरावती, सात अप्रैल (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को तमिलनाडु के कल्पक्कम में भारत के स्वदेशी रूप से निर्मित ‘प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ (पीएफबीआर) के ‘क्रांतिकता’ हासिल करने की सराहना की।
नायडू ने कहा कि यह विकास भारत के परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण में एक अहम कदम है और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा रूपरेखा को मज़बूत करता है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हर भारतीय के लिए यह गर्व का क्षण है और यह भारत की असैन्य परमाणु यात्रा को एक नयी गति प्रदान करने वाला कदम है। कल्पक्कम में भारत द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित पीएफबीआर ने ‘क्रांतिकता’ हासिल कर ली है, जो भारत के परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।’’
परमाणु रिएक्टर में ‘क्रांतिकता’ वह स्थिति होती है, जब रिएक्टर के अंदर परमाणु श्रृंखला प्रतिक्रिया स्व-स्थायी हो जाती है। इस अवस्था में परमाणु ईंधन (जैसे यूरेनियम) के विखंडन से उत्पन्न होने वाले न्यूट्रॉन की संख्या, अगली श्रृंखला प्रतिक्रिया को बनाए रखने के लिए पर्याप्त होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि भारत को कार्यक्रम के तीसरे चरण में अपने विशाल थोरियम भंडारों का उपयोग करने के और करीब ले जाती है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में मार्ग को सुदृढ़ करती है।
नायडू ने इस उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी, तथा देश की परमाणु प्रगति में उनके योगदान की सराहना की।
भाषा
नेत्रपाल माधव
माधव

Facebook


