नायडू असहमति को दबाने के लिए कर रहे पुलिस का इस्तेमाल: जगन

नायडू असहमति को दबाने के लिए कर रहे पुलिस का इस्तेमाल: जगन

नायडू असहमति को दबाने के लिए कर रहे पुलिस का इस्तेमाल: जगन
Modified Date: May 9, 2026 / 07:59 pm IST
Published Date: May 9, 2026 7:59 pm IST

अमरावती, नौ मई (भाषा) युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर असहमति को दबाने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक रेड्डी ने शनिवार को इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि जगन ने वाईएसआरसीपी शासन (2019-2024) के दौरान असहमति को दबाया और विरोधियों को निशाना बनाने व आलोचकों को चुप कराने के लिए पुलिस व्यवस्था को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था।

उन्होंने कहा, “संविधान का अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है।”

जगन ने आरोप लगाया कि तेदेपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के तहत इस मौलिक अधिकार पर खतरनाक, व्यवस्थित और बेहद चिंताजनक तरीके से हमला किया जा रहा है।

उन्होंने शुक्रवार देर रात ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “नमस्कार भारत! आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पुलिस विभाग को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर असहमति को दबा रहे हैं, विपक्ष की आवाज को कुचल रहे हैं और आंध्र प्रदेश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को व्यवस्थित रूप से सीमित कर रहे हैं।”

जगन ने कहा कि आलोचकों को डराने, विपक्ष की आवाज को चुप कराने और सरकार पर सवाल उठाने वाले नागरिकों में भय का माहौल बनाने के लिए आंध्र पुलिस का तेजी से “हथियार” के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों, वाईएसआरसीपी समर्थकों, पत्रकारों और आम नागरिकों के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध, सत्तावादी धमकियों व संस्थागत “सत्ता के दुरुपयोग” का एक व्यवस्थित अभियान चलाया जा रहा है, जो तेदेपा गठबंधन की “विफलताओं, पाखंड, भ्रष्टाचार और जनविरोधी शासन” को उजागर करते हैं।

दीपक रेड्डी ने जगन के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग की बात कर रहे हैं जबकि ‘‘आंध्र प्रदेश के लोग उनके पांच साल के शासनकाल में जो हुआ उसे भूले नहीं हैं’’।

उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और नागरिकों के खिलाफ मामले दर्ज करना आम बात था।

रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि तेदेपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को अक्सर राजनीतिक रूप से प्रेरित मामलों, गिरफ्तारियों, हिरासत और विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता था।

उन्होंने यह भी दावा किया कि 2019 से 2024 के बीच वाईएसआरसीपी से जुड़े सोशल मीडिया खातों पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ अपमानजनक सामग्री और गलत सूचनाएं प्रसारित की गई थीं।

प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि तेदेपा नेताओं की बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई में या तो देरी की गई या कोई कार्रवाई नहीं की गई।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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