नासिक, 18 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक की एक अदालत ने शनिवार को स्वयंभू बाबा अशोक खरात को एक महिला के यौन शोषण और उत्पीड़न से जुड़े चौथे मामले में 30 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अदालत ने इससे पहले इस मामले में खरात को 18 अप्रैल तक विशेष जांच दल (एसआईटी) की हिरासत में भेजा था। एसआईटी उसके खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों की जांच कर रही है।
इस विशेष मामले में पीड़िता अपनी पारिवारिक समस्याओं के समाधान की उम्मीद में खरात के पास आई थी।
इस मामले में हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद खरात को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) बी.एन. इचपुरानी के समक्ष पेश किया गया।
सुरक्षा कारणों से अदालत की कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई और नासिक जिले के निवासी आरोपी को सीजेएम के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं किया गया। तकनीकी खराबी के कारण कार्यवाही शुरू होने में कुछ देरी भी हुई।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने खरात की न्यायिक हिरासत का अनुरोध किया। इसके बाद सीजेएम ने उसे 30 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उसे नासिक रोड केंद्रीय कारागार भेजा जाएगा।
एसआईटी रविवार को फिर खरात को अदालत में पेश करेगी और एक अन्य महिला के यौन शोषण से जुड़े पांचवें मामले में उसकी पुलिस हिरासत मांगेगी।
खरात पर नासिक और अहिल्यानगर जिलों में कम से कम 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आठ मामले यौन शोषण के हैं।
यह स्वयंभू बाबा नासिक जिले के सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख है और वर्षों से कई नेताओं से उसका मेलजोल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद प्रमुख नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें व्यापक रूप से प्रसारित हुईं, जिससे राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
विवादित ‘बाबा’ को 17 मार्च को गिरफ्तार किया गया था, जब 35 वर्षीय एक महिला ने नासिक के सरकारवाड़ा थाने में उसके खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी।
भाषा गोला प्रशांत
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