मुंबई, 15 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के वन मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गणेश नाईक का नाम मतदाता सूची में न होने के कारण वह बृहस्पतिवार को नवी मुंबई महानगर पालिका चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह गए।
नाईक ने बताया कि वह कई वर्षों से अपने परिवार के साथ नवी मुंबई के स्कूल संख्या 94 में मतदान करते आ रहे हैं, लेकिन इस बार उन्हें बताया गया कि उनका मतदान केंद्र बदलकर सेंट मैरी हाई स्कूल कर दिया गया है।
नाईक ने स्कूल संख्या 94 के बाहर व्यंग्यात्मक मुस्कान के साथ कहा, ‘जब मैं वहां (सेंट मैरी हाई स्कूल) पहुंचा, तो वहां दी गई जानकारी के अनुसार कोई कमरा नंबर नौ नहीं था और मतदाता सूची में भी मेरा नाम नहीं था इसलिए मैं अपना वोट नहीं डाल सका।’
उन्होंने दावा किया, ‘मैं दोबारा सेंट मैरी स्कूल जाऊंगा। मेरे परिवार के सदस्य और रिश्तेदार नवी मुंबई की एक ही इमारत में रहते हैं लेकिन हमारे नाम तीन अलग-अलग मतदान केंद्रों में बांट दिए गए।’
नाईक से जब यह पूछा गया कि इस चूक के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, तो उन्होंने इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग को दोषी ठहराया।
उन्होंने कहा, ‘यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि यदि मेरे जैसे मंत्री को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है जिसका मतदाता सूची से नाम गायब है, तो आम मतदाताओं के साथ क्या हो रहा होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है।’
नवी मुंबई सहित राज्य की 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान हो रहा है।
भाषा
प्रचेता वैभव
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