राकांपा के गुटों के साझा घोषणापत्र का मतलब है कि दोनों एक साथ आ गए हैं : कांग्रेस नेता
राकांपा के गुटों के साझा घोषणापत्र का मतलब है कि दोनों एक साथ आ गए हैं : कांग्रेस नेता
मुंबई, 10 जनवरी (भाषा) कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के संयुक्त घोषणापत्र का मतलब है कि दोनों गुट प्रभावी रूप से एक साथ आ गए हैं। उन्होंने राकांपा (शप) नेता सुप्रिया सुले के केंद्र सरकार में संभावित रूप से शामिल होने की अटकलों का जिक्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह ‘‘पुनर्मिलन’’ वैचारिक सामंजस्य या पार्टी कार्यकर्ताओं की चिंता के बजाय सत्ता के आकर्षण से प्रेरित प्रतीत होता है।
वडेट्टीवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुले द्वारा पुणे नगर निगम चुनावों के लिए एक संयुक्त घोषणापत्र जारी करने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जो जुलाई 2023 में हुए विभाजन के बाद दोनों गुटों के बीच बढ़ती निकटता का संकेत देता है।
राकांपा और राकांपा (शप) के पुनर्मिलन को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा कि असली सवाल यह है कि यह कदम विचारधारा, कार्यकर्ता के लिए उठाया गया या केवल सत्ता के लिए।
वडेट्टीवार ने कहा, ‘‘अगर उनके (राकांपा और राकांपा-शप के) घोषणापत्र एक जैसे हैं, तो यह कहा जा सकता है कि वे एकजुट हो गए हैं।’’
उनके अनुसार, महाराष्ट्र मंत्रिमंडल और केंद्र सरकार में क्रमशः राकांपा (शप) नेताओं- रोहित पवार और बारामती से सांसद सुले, को शामिल किए जाने की संभावना पर व्यापक रूप से चर्चा हो रही है।
अंबरनाथ नगर परिषद में सहयोगी शिवसेना और भाजपा के बीच राजनीतिक स्थिति पर वडेट्टीवार ने इसे ‘‘दिखावटी लड़ाई’’ करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘आज तो वे झगड़ रहे हैं, लेकिन क्या कल वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे? यह सब अस्थायी है। बाद में वे सत्ता का आनंद लेने के लिए फिर से एक साथ आएंगे।’’
भाषा गोला सुरेश
सुरेश

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