मुंबई, 16 अप्रैल (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे के शोधकर्ताओं ने पाया है कि गंगा के मैदानी इलाकों में चलने वाली लू या गर्म हवाएं दरअसल बाहर से आने वाली गर्म हवाओं का असर नहीं, बल्कि स्थानीय जमीन और मौसम की परिस्थितियों का परिणाम हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार, करीब 60 करोड़ आबादी वाले इस क्षेत्र में तीव्र होती गर्म हवाएं अब केवल मौसमी परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि जीवन पर मंडराता गंभीर खतरा बनती जा रही है। हर साल ये गर्म हवाएं समय से पहले दस्तक दे रही हैं और अधिक लंबे समय तक बनी रहती हैं।
उन्होंने चेताया कि उष्णलहर से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम और हर वर्ष होने वाली मौतें गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं।
आईआईटी बॉम्बे के ‘सेंटर फॉर स्टडीज इन रिसोर्सेज इंजीनियरिंग’ और ‘सेंटर फॉर क्लाइमेट स्टडीज’ के नए शोध में यह भी सामने आया है कि गंगा के मैदानी क्षेत्र में सभी गर्म हवाएं एक जैसी नहीं होतीं और इनके पीछे काम करने वाले कारण बाहरी गर्म हवाओं के बजाय अधिकतर स्थानीय होते हैं।
अध्ययन की प्रमुख लेखिका एवं पीएचडी शोधार्थी मनाली साहा ने बताया, “परंपरागत रूप से पूर्वानुमान में इस बात पर ज्यादा जोर दिया जाता रहा है कि उत्तर-पश्चिमी इलाकों से गर्म हवा गंगा के मैदानी क्षेत्र की ओर आ रही है या नहीं। लेकिन हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि गर्म हवा कब और कहां विकसित होगी, यह समझने के लिए स्थानीय जमीन और वायुमंडलीय परिस्थितियों की निगरानी कहीं अधिक अहम है।”
साहा ने कहा कि इस नयी समझ के साथ मौसम पूर्वानुमान अब व्यापक क्षेत्रीय चेतावनियों से आगे बढ़कर अधिक सटीक, स्थान-विशिष्ट शुरुआती अलर्ट देने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
शोध के मुताबिक, प्रतिचक्रवातीय स्थितियां और नमी—चाहे अधिक हो या कम—दोनों ही गर्म हवा के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती हैं।
उच्च दबाव वाले प्रतिचक्रवाती तंत्र में गर्म हवा नीचे की ओर उतरती है, जिससे बादलों का बनना थम जाता है और लू के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो जाती हैं।
इसी तरह, मानसून से पहले होने वाली हल्की बारिश जमीन में अतिरिक्त नमी भर देती है। यह नमी और बढ़ती वाष्पीकरण प्रक्रिया बादलों के निर्माण को बढ़ावा देती है, रात के समय बने ये बादल गर्मी को बाहर निकलने से रोक लेते हैं। ऐसे में जब प्रतिचक्रवात विकसित होता है, तो जमीन और अधिक गर्मी वातावरण में छोड़ने लगती है, जिससे गर्म हवा का असर और तेज हो जाता है।
भाषा खारी नरेश
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