अब पार्थ को पता चलेगा कि भाजपा की राजनीति क्या है : रोहित पवार

अब पार्थ को पता चलेगा कि भाजपा की राजनीति क्या है : रोहित पवार

अब पार्थ को पता चलेगा कि भाजपा की राजनीति क्या है : रोहित पवार
Modified Date: September 10, 2026 / 10:47 pm IST
Published Date: September 10, 2026 10:47 pm IST

नागपुर, 10 सितंबर (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय के मुंधवा जमीन सौदे से जुड़े मामले में राकांपा सांसद पार्थ पवार को आरोपी न बनाए जाने का जिक्र करने वाली जमानत अर्जी पर महाराष्ट्र पुलिस से जवाब तलब करने के कुछ दिनों बाद राकांपा (शप) नेता रोहित पवार ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्थ अब “करीब से” जान पाएंगे कि भाजपा की राजनीति क्या है।

रोहित रिश्ते में पार्थ के भाई लगते हैं। अजित पवार के नेतृत्व में पार्टी में बगावत के बाद हुए विभाजन के दौरान रोहित शरद पवार नीत खेमे में बने रहने का फैसला किया था।

रोहित ने पार्थ से मामले को लेकर एक संवददाता सम्मेलन आयोजित करने और तथ्य स्पष्ट करने का सुझाव दिया।

बंबई उच्च न्यायालय ने मुंधवा जमीन सौदे के मामले में सोमवार को दो आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए राज्य पुलिस से जवाब मांगा था। याचिका में कहा गया है कि राज्यसभा सदस्य एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ को आरोपी नहीं बनाया गया है, जबकि उनके व्यापार साझेदार दिग्विजय पाटिल को मामले में नामजद किया गया है।

नागपुर में संवाददाताओं ने जब रोहित से इस घटनाक्रम के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वह उच्च न्यायालय में लंबित मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन पार्थ पवार को प्रेस वार्ता करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “पार्थ को लोगों को बताना चाहिए कि असलियत क्या है और हालात क्या हैं… पहले, जब (पार्थ के दिवंगत पिता) अजीत पवार जीवित थे, तब वह मीडिया के सामने जाकर सारी बातें साफ-साफ बताते थे। इसलिए मुझे लगता है कि अब पार्थ को भी प्रेस वार्ता करनी होगी।”

रोहित ने कहा कि उच्च न्यायालय में लंबित मामले में राज्य पुलिस को जवाब दाखिल करना है। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी किस विभाग के होते हैं? वे गृह विभाग के होते हैं। गृह विभाग की कमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथ में है। अब पार्थ पवार को पता चल जाएगा कि भाजपा की राजनीति क्या है।”

पार्थ के सह-स्वामित्व वाली कंपनी अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी पर आरोप है कि उसने पुणे के मुंधवा इलाके में एक प्रमुख भूखंड बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर और बिना स्टाम्प ड्यूटी चुकाए गैर-कानूनी तरीके से खरीदा। हालांकि, बाद में यह सौदा रद्द कर दिया गया।

भाषा पारुल देवेंद्र

देवेंद्र


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