सत्तारूढ़ शिवसेना में बेचैनी, लेकिन ‘ऑपरेशन टाइगर’ की खबरें निराधार: विपक्षी नेता

सत्तारूढ़ शिवसेना में बेचैनी, लेकिन ‘ऑपरेशन टाइगर’ की खबरें निराधार: विपक्षी नेता

सत्तारूढ़ शिवसेना में बेचैनी, लेकिन ‘ऑपरेशन टाइगर’ की खबरें निराधार: विपक्षी नेता
Modified Date: April 10, 2026 / 03:08 pm IST
Published Date: April 10, 2026 3:08 pm IST

मुंबई, 10 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र में वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने शुक्रवार को दावा किया कि सत्तारूढ़ शिवसेना के भीतर ‘असहज स्थिति’ है, लेकिन उन्होंने उन खबरों को निराधार बताया कि विपक्षी दल शिवसेना (उबाठा) का एक हिस्सा अलग होकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल हो जाएगा।

विपक्षी नेताओं ने भविष्य में भी राज्य में किसी भी बड़े राजनीतिक उथल-पुथल की संभावना से इनकार किया।

महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में गत कुछ दिनों से यह चर्चा है कि शिवसेना ने उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) के नेताओं को अपने पाले में लाने के लिए गुपचुप तरीके से ‘ऑपरेशन टाइगर’ शुरू किया है। हालांकि, सत्तारूढ़ ‘महायुति’ सरकार में शामिल शिवसेना के प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को इन खबरों को ‘निराधार’ बताते हुए कहा कि इस तरह की ‘अफवाहों’ का मकसद ‘सनसनी फैलाना’ है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘सत्ता में होने के बावजदू शिवसेना में, यहां तक ​​कि एकनाथ शिंदे और उनके मंत्रियों जैसे शीर्ष नेताओं में भी, असंतोष का भाव दिखाई दे रहा है।’’

शिंदे के ठाणे में शिवसेना (उबाठा) सांसदों के साथ गुप्त बैठक करने की खबरों और उद्धव ठाकरे नीत दल के एक धड़े के टूट कर शिवसेना में शामिल होने के कयासों के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, ‘‘अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन के मंत्रियों से मिलने में क्या हर्ज है? मुझे किसी भी तरह के राजनीतिक उथल₨-पुथल की कोई संभावना नहीं दिखती।’’

विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) में कांग्रेस और शिवसेना(उबाठा) के साथ शामिल शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता एवं राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए इसे निराधार बताया।

उन्होंने दावा किया कि उद्धव ठाकरे नीत पार्टी के सांसद एकजुट हैं और अपने नेता का दृढ़ता से समर्थन करते हैं।

देशमुख ने कहा कि इस एकजुटता के मद्देनजर निकट भविष्य में किसी भी बड़े राजनीतिक उथल-पुथल या विभाजन की कोई आशंका नहीं है।

शिवसेना (उबाठा) के 10 सांसद हैं। इनमें लोकसभा के नौ और राज्यसभा का एक सदस्य शामिल है।

भाषा धीरज देवेंद्र

देवेंद्र


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