चुनाव हारने के बाद ही विपक्ष निर्वाचन आयोग और ईवीएम को निशाना बनाता है: शिंदे

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चुनाव हारने के बाद ही विपक्ष निर्वाचन आयोग और ईवीएम को निशाना बनाता है: शिंदे

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  • Publish Date - September 27, 2026 / 03:03 PM IST,
    Updated On - September 27, 2026 / 03:03 PM IST

मुंबई, 27 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो वह निर्वाचन आयोग पर हमला नहीं करती।

सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की घटक शिवसेना के प्रमुख शिंदे ने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव हारने के बाद ही निर्वाचन आयोग और ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं।

उपमुख्यमंत्री की यह टिप्पणी कांग्रेस और कई अन्य दलों तथा संगठनों की ओर से कुमार को हटाने की मांग के बीच आई है। यह मांग ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की हालिया जांच रिपोर्ट के बाद उठी, जिसमें दावा किया गया था कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीने में कम से कम 14 बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से निर्वाचन आयोग के निपटने के तरीके पर औपचारिक आपत्ति जताई थी।

शिंदे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है। जब कांग्रेस तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और केरल में चुनाव जीतती है, तो विपक्ष निर्वाचन आयोग पर कोई टिप्पणी नहीं करता।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग के खिलाफ केवल तब टिप्पणी करते हैं, जब फैसले उनके पक्ष में नहीं होते।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ईवीएम की शुरुआत कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी।

उन्होंने कहा कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने नियमों में संशोधन कराया था और निर्वाचन आयोग को सुझाव दिया था कि चुनाव ईवीएम के जरिए कराए जाएं।

शिंदे ने कहा कि हर गलत काम की जांच की जाएगी और इस बात पर जोर दिया कि वह किसी के समर्थन में बात नहीं कर रहे हैं।

भाषा शोभना रंजन

रंजन