लातूर/नांदेड, 26 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के लातूर और नांदेड जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रदर्शन किया और सरकार पर सूखा राहत पैकेज अपर्याप्त होने और कुछ तालुकों को प्रभावित क्षेत्रों की सूची से बाहर रखने का आरोप लगाया।
इससे पहले दिन में राज्य सरकार ने बारिश की कमी के बीच महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुकों (राज्य के 74 प्रतिशत हिस्से) को सूखाग्रस्त घोषित किया और फसल ऋण पुनर्गठन, भूमि राजस्व में छूट तथा बिजली बिल में सब्सिडी समेत राहत उपायों की घोषणा की।
लातूर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों, मजदूरों और छात्रों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी है।
लातूर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अभय सालुंखे ने कहा, ‘‘सरकार ने 12 उपायों की घोषणा की है, लेकिन इनमें से एक भी किसानों को पर्याप्त राहत देने वाला नहीं है।’’
पड़ोसी नांदेड जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुदखेड़ में प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि दो तालुकों को सूखा प्रभावित क्षेत्रों की सूची से बाहर रखा गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कम बारिश और फसल नुकसान के बावजूद सरकार जिले के सभी सूखा प्रभावित क्षेत्रों को सूची में शामिल करने में विफल रही है। उन्होंने मांग की कि बाहर रखे गए दोनों तालुकों को तत्काल सूखा राहत उपायों के दायरे में लाया जाए।
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