ओवैसी ने खालिद और इमाम को जमानत देने नहीं मिलने के मामले में कांग्रेस को आड़े हाथ लिया
ओवैसी ने खालिद और इमाम को जमानत देने नहीं मिलने के मामले में कांग्रेस को आड़े हाथ लिया
अमरावती (महाराष्ट्र), 11 जनवरी (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं मिलने के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया है और कहा है कि जिस कड़े यूएपीए कानून के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया है, उसे कांग्रेस सरकार के दौरान लागू किया गया था।
हैदराबाद के सांसद शनिवार को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के चांदनी चौक इलाके में 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनाव से पहले एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि चुनाव के दौरान धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाले लोग वास्तव में मुसलमानों, दलितों और आदिवासियों के दुश्मन हैं क्योंकि वे वोट हासिल करने के लिए राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता का इस्तेमाल करते हैं।
उन्होंने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 15ए के आधार पर उच्चतम न्यायालय ने पांच जनवरी को खालिद और इमाम दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
ओवैसी ने कहा कि (कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान) तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम ने यूएपीए पेश किया था। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में इसका विरोध करने वाले वह अकेले व्यक्ति थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह भी कहा था कि इस कानून का इस्तेमाल पुलिस मुसलमानों, आदिवासियों, दलितों और उन बुद्धिजीवियों के खिलाफ करेगी जो सरकार की नीतियों को समझते हैं और उनका विरोध करते हैं। आज जो हुआ, आप देख सकते हैं, इन दोनों बच्चों को उस कानून में आतंकवाद की परिभाषा के कारण जमानत नहीं मिल सकी।’’
ओवैसी ने कहा कि जहां खालिद और इमाम पांच साल से जेल में बंद हैं, वहीं एल्गार परिषद मामले में आरोपी 85 वर्षीय स्टेन स्वामी की इसी कानून के कारण जेल में मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि 2019 में यूएपीए में संशोधन के समय भाजपा सरकार का कांग्रेस ने समर्थन किया था, जो अब निर्दोष लोगों की जिंदगियां तबाह कर रहा है।
भाषा नोमान सुरभि
सुरभि

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