मुंबई, 15 जून (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता जयंत पाटिल ने सोमवार को आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को विभाजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पास प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समर्थन हो।
त्रिपुरा स्थित ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के विलय के बारे में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर पाटिल ने कहा, ‘सरकार किसी भी कीमत पर इस (परिसीमन विधेयक) को पारित कराना चाहती है। यही कारण है कि हर पार्टी को तोड़ा जा रहा है, तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और अधिक से अधिक सांसदों को अपने पाले में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।’
परिसीमन के माध्यम से निर्वाचित प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए पाटिल ने कहा कि सांसदों को अक्सर सदनों में बोलने का अवसर नहीं मिलता है।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने कहा, ‘अगर संख्या बढ़ा दी गई, तो वे कहां बोल पायेंगे। केवल संख्या बढ़ा देने से महाराष्ट्र और देश की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।’’
उन्होंने कहा कि बेहतर शासन के लिए प्रतिनिधियों की संख्या नहीं बल्कि कुशल प्रशासन सबसे महत्वपूर्ण है।
संभावित दलबदल की चिंताओं पर पाटिल ने कहा कि विभिन्न प्रकार के दबावों के कारण हर राजनीतिक दल को विभाजन के जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
भाषा सुमित रंजन
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