मुंबई, 15 अप्रैल (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह भाजपा नेताओं को कथित तौर पर निशाना बनाने संबंधी सोशल मीडिया पोस्ट करने को लेकर ब्रिटेन में रहने वाले डॉक्टर संग्राम पाटिल के खिलाफ दर्ज मामले की जांच तीन सप्ताह के भीतर पूरी करे क्योंकि किसी व्यक्ति को अनिश्चित काल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता।
महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने कहा कि जांच तीन सप्ताह के भीतर पूरी की जाए, अन्यथा पुलिस को पाटिल के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) को निलंबित करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
साठे ने अदालत को बताया कि डॉक्टर को अदालत में यह हलफनामा देना होगा कि वह पुलिस के समक्ष पेश होंगे और जब भी आवश्यकता होगी, जांच में सहयोग करेंगे।
न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की एकल पीठ ने इस निवेदन को स्वीकार कर लिया और पाटिल को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया तथा मामले को आगे के आदेश के लिए 5 मई के वास्ते सूचीबद्ध कर दिया।
पाटिल ने अपने खिलाफ जारी प्राथमिकी और लुकआउट सर्कुलर को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
शहर पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में भाजपा नेताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
भाषा सुभाष नरेश
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