ठाणे, तीन जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि देसी शराब को सरकार द्वारा वैध किया जाना चाहिए, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और राजस्व भी मिल सके।
हाल में पुणे में हुई जहरीली शराब त्रासदी का हवाला देते हुए आठवले ने कहा कि दिहाड़ी मजदूर मुख्य रूप से देसी शराब पीते हैं। इस घटना में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी।
भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आठवले) के प्रमुख ने कहा कि सरकारी नियंत्रण से गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और अवैध उत्पादन पर रोक लगेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘देसी शराब को वैध बनाया जाए। इससे राजस्व भी आएगा और सुरक्षा सुनिश्चित होने से जानें भी बचेंगी।’’
उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका निजी विचार है।
केंद्रीय मंत्री मंगलवार को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी तालुका के बापगाव में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
वह आरपीआई (ए) की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष महेंद्र गायकवाड़ के कार्यालय गए, जहां प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर आठवले ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा इस मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जिनके पास कुनबी रिकॉर्ड हैं उन्हें ओबीसी प्रमाण पत्र मिलना चाहिए, लेकिन पूरे मराठा समुदाय को ओबीसी में शामिल करना उचित नहीं होगा।
दलित नेता ने मराठाओं के लिए 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटे का सुझाव दिया और कहा कि यह मुद्दा जनगणना के बाद तय होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण से किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और जाति भेदभाव खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया।
आठवले ने कहा, ‘‘हम अपनी पार्टी में सभी जातियों, पंथों और धर्मों के लोगों को चाहते हैं।’’
उनकी पार्टी सत्तारूढ़ भाजपा की एक प्रमुख सहयोगी है।
भाषा
खारी रंजन
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