West Bengal Annapurna Scheme Launch : महिलाओं की लग गई लॉटरी! आज से बंद हुई पुरानी योजना, 1500 नहीं अब हर महीने मिलेंगे 3 हज़ार रुपये, मुख्यमंत्री करेंगे नई योजना की शुरुआत

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पश्चिम बंगाल में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से आज ‘अन्नपूर्णा योजना’ की शुरुआत होने जा रही है। योजना के तहत पात्र महिला लाभार्थियों को हर महीने 3000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाएंगे। शुरुआती चरण में विभिन्न ब्लॉक और नगर निकाय क्षेत्रों के चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 12:17 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 12:23 PM IST

West Bengal Annapurna Scheme Launch / Image Source : IBC24

HIGHLIGHTS
  • महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता
  • आज योजना का औपचारिक शुभारंभ
  • पहले की योजना के मुकाबले सहायता राशि में बड़ा इजाफा

कोलकाता : West Bengal Annapurna Scheme Launch पश्चिम बंगाल की राजनीति और आम जनता के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी आज यानी बुधवार को सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी ‘अन्नपूर्णा योजना’ का शंखनाद करने वाले हैं। इस योजना के तहत प्रदेश की महिला लाभार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये की बड़ी आर्थिक सहायता सीधे उनके खाते में दी जाएगी। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे मुख्यमंत्री इस योजना की भव्य शुरुआत करेंगे, जिससे बंगाल की लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।

पहले मिलते थे 1500 रुपये पैसे

आपको बता दें कि यह ‘अन्नपूर्णा योजना’ इस साल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के गेम-चेंजर चुनावी वादों में से एक थी। Suvendu Adhikari Annapurna Yojana यह नई योजना पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना की जगह लेने जा रही है, जिसके तहत महिलाओं को अब तक अधिकतम 1,500 रुपये प्रति माह मिलते थे। अब नई सरकार ने इस राशि को सीधे दोगुना कर दिया है। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम से राज्य भर के लाभार्थी ब्लॉक और नगरपालिका स्तर के केंद्रों से ऑनलाइन माध्यम से सीधे जुड़ेंगे।

West Bengal Budget 3000 Rupees Women 100-100 लाभार्थियों को सीधे स्वीकृति पत्र सौंपे जाएंगे

शुरुआती चरण में हर ब्लॉक, नगरपालिका और कोलकाता नगर निगम क्षेत्र से 100-100 लाभार्थियों को सीधे स्वीकृति पत्र सौंपे जाएंगे। लाभार्थियों की पहचान उप-मंडल अधिकारी और ब्लॉक विकास अधिकारी द्वारा की जाएगी, जिसे जिला मजिस्ट्रेट या कोलकाता नगर निगम आयुक्त की अंतिम मंजूरी मिलेगी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और स्थानीय विधायक भी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रम स्थलों पर मुस्तैद रहेंगे।

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