अजित पवार की मौत पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है, त्रासदी को अलग रंग देने से बचें: शिंदे

अजित पवार की मौत पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है, त्रासदी को अलग रंग देने से बचें: शिंदे

अजित पवार की मौत पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है, त्रासदी को अलग रंग देने से बचें: शिंदे
Modified Date: January 29, 2026 / 12:53 am IST
Published Date: January 29, 2026 12:53 am IST

मुंबई, 28 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल सहयोगी अजित पवार की मौत पर राजनीति की निंदा की और कहा कि विमान दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

शिंदे ने कहा कि किसी को भी अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए और इस संवेदनशील एवं दुखद घटना को कोई अलग रंग नहीं देना चाहिए।

बुधवार सुबह मुंबई से उड़ान भरने के बाद एक विमान निर्धारित समय पर उतरने से कुछ मिनट पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिसमें, उपमुख्यमंत्री पवार (66) और विमान में सवार चार अन्य लोगों की मौत हो गई।

ठाणे में पत्रकारों से बात करते हुए, शिवसेना प्रमुख शिंदे ने कहा कि पवार के निधन से उन्होंने अपने ‘बड़े भाई’ को खो दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह एक बेहद दुखद घटना है… महाराष्ट्र के लिए बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। विमान दुर्घटना की जांच कराई जाएगी।’

उन्होंने कहा कि इस घातक दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच की जाएगी। एयरलाइन कंपनी, संबंधित एजेंसियों, तकनीकी विशेषज्ञों, कप्तान या संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

बारामती का दौरा करने के बाद शिंदे ने कहा, ‘हालांकि, इस जांच के नाम पर राजनीति करना या साजिश के आरोप लगाना उचित नहीं है।’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पवार की मौत मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि ‘अन्य सभी एजेंसियां’ ‘पूरी तरह से मिलीभगत’ कर चुकी हैं।

बनर्जी ने कहा कि मौजूदा तंत्रों के माध्यम से सच्चाई सामने नहीं आएगी, केवल उच्चतम न्यायालय की निगरानी में की गई जांच ही विश्वसनीय होगी।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें सिर्फ उच्चतम न्यायालय पर भरोसा है। बाकी सभी एजेंसियां ​​पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुकी हैं।’’

शिंदे ने बताया कि राकांपा (शप) अध्यक्ष और अजित पवार के चाचा शरद पवार ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि यह किसी साजिश का मामला नहीं, बल्कि दुर्घटना है। इसलिए, किसी को भी इस संवेदनशील घटना के बारे में अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए या इसे अलग रंग नहीं देना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह क्षति केवल पवार परिवार की नहीं, बल्कि पूरे राज्य की है। मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैंने अपने बड़े भाई को खो दिया हो।’’

उन्होंने कहा कि यह पवार परिवार के साथ मजबूती से खड़े होने का समय है।

शिंदे ने कहा कि पवार का मन साफ था और वह साफगोई से बात रखने वाले निडर नेता थे जिनकी प्रशासन पर अच्छी पकड़ थी।

भाषा शोभना सुभाष

सुभाष


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