सत्ता की भूखी भाजपा किसी से भी गठबंधन कर सकती है, ‘कांग्रेस युक्त’ हो गई है: सपकाल

सत्ता की भूखी भाजपा किसी से भी गठबंधन कर सकती है, 'कांग्रेस युक्त' हो गई है: सपकाल

सत्ता की भूखी भाजपा किसी से भी गठबंधन कर सकती है, ‘कांग्रेस युक्त’ हो गई है: सपकाल
Modified Date: January 8, 2026 / 07:52 pm IST
Published Date: January 8, 2026 7:52 pm IST

जालना, आठ जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत बनाने के प्रयास में भाजपा अब विपक्षी दल से लाए गए नेताओं से भरी हुई है।

सपकाल ने संवाददाताओं से कहा कि अंबरनाथ नगरपालिका परिषद में निकाय चुनाव के बाद स्थानीय कांग्रेस इकाई के भाजपा से हाथ मिलाने के बाद कांग्रेस ने अपने पार्षदों को निलंबित कर दिया था, लेकिन बाद में भाजपा ने उनका अपनी पार्टी में स्वागत किया।

15 जनवरी को होने वाले निकाय चुनावों के लिए एक अभियान बैठक के बाद सपकाल ने कहा, ‘भारत को ‘कांग्रेस-मुक्त’ (कांग्रेस मुक्त) बनाने के अपने प्रयास में, भाजपा स्वयं ‘कांग्रेस युक्त’ (कांग्रेस सहित) बन गई है।’

 ⁠

उन्होंने कहा कि अंबरनाथ और अकोट के घटनाक्रम से भाजपा की ‘दोहरे रवैये’ वाली नीति उजागर हो गई है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि वह सत्ता के लिए अपने घोषित सिद्धांतों से समझौता कर सकती है।

सपकाल ने बताया कि अंबरनाथ में कांग्रेस पार्षदों ने पार्टी नेतृत्व से परामर्श किए बिना भाजपा के नेतृत्व वाले मोर्चे में शामिल होने का फैसला किया, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने कड़ी कार्रवाई की, लेकिन इसके बजाय भाजपा ने इन पार्षदों को अपनी पार्टी में शामिल किया। इससे पता चलता है कि भाजपा क्या कहती है और वह वास्तव में क्या करती है…मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कोई कार्रवाई नहीं की और केवल एक बयान दिया (कहा कि ऐसा गठबंधन अस्वीकार्य है)।’

उन्होंने कहा, ‘सत्ता के लिए भाजपा (असदुद्दीन) औवेसी की एआईएमआईएम से हाथ मिलाने में भी सहज है। यह पार्टी के नैतिक पतन को दर्शाता है।’

उन्होंने लातूर में दिवंगत कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की स्मृति को भाजपा द्वारा मिटा देने की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की भी आलोचना की और कहा कि यह सत्ता से पैदा हुए अहंकार को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, देशमुख जैसे नेताओं ने महाराष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन भाजपा उनकी विरासत को मिटाने की कोशिश कर रही है।

गौरतलब है कि चव्हाण ने अपने बयान पर माफी मांगी है।

इस बीच, सपकाल ने यह भी आरोप लगाया कि फडणवीस ने उनकी उपस्थिति में नांदेड़ में एक सार्वजनिक बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण (जो अब भाजपा के साथ हैं) के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के कई उम्मीदवार लोकप्रियता के कारण नहीं बल्कि दबाव, धमकी और धनबल के कारण राज्य भर में निर्विरोध चुने जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि पुलिस, प्रशासन और यहां तक ​​कि चुनाव मशीनरी भी ऐसे मामलों में सत्तारूढ़ दल की मदद करती नजर आती है।

सपकाल ने दावा किया कि निर्विरोध चुनाव की प्रवृत्ति लोकतंत्र और संविधान के लिए गंभीर खतरा है।

भाषा तान्या नरेश

नरेश


लेखक के बारे में