विशेष अदालत ने 44 सोमाली समुद्री डाकुओं को उम्रकैद की सजा सुनाई

विशेष अदालत ने 44 सोमाली समुद्री डाकुओं को उम्रकैद की सजा सुनाई

विशेष अदालत ने 44 सोमाली समुद्री डाकुओं को उम्रकैद की सजा सुनाई
Modified Date: July 20, 2026 / 09:57 pm IST
Published Date: July 20, 2026 9:57 pm IST

मुंबई, 20 जुलाई (भाषा) मुंबई की एक विशेष अदालत ने सोमवार को समुद्री डकैती और अन्य अपराधों के आरोपों में दो अलग-अलग मामलों में 44 सोमाली नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

अदालत ने तमाम जोखिमों और वित्तीय या सैन्य खर्चों की परवाह न करते हुए कानूनी तथा अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरी निष्ठा के साथ निभाने के लिए भारतीय नौसेना की सराहना की।

विशेष न्यायाधीश एस बी दिघे ने अधिकतम सजा के तौर पर उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कहा कि आरोपियों द्वारा किए गए अपराध गंभीर प्रकृति के थे।

सभी 44 आरोपियों (एक मामले में 35 और दूसरे में नौ) ने अदालत के समक्ष अपना गुनाह कबूल कर लिया था और नरमी बरतने की गुहार लगाई थी।

अदालत ने कहा कि वह आरोपियों की खराब स्थिति और उनके द्वारा स्वेच्छा से गुनाह कबूल किए जाने के तथ्य से अवगत है।

इसने कहा, ‘‘लेकिन दूसरी तरफ, जहाज का अपहरण करके समुद्र में डकैती डालना, फिरौती के लिए चालक दल के सदस्यों को बंधक बनाना, उन्हें जान से मारने की कोशिश करना, उन्हें मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करना और भारतीय नौसेना के वैध निर्देशों का पालन न करना बेहद गंभीर बातें हैं, जिन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता।’

आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आयुध अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम, विदेशी अधिनियम, समुद्री डकैती रोधी अधिनियम एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया।

पहले मामले में, मार्च 2024 में ईरानी ध्वज वाले जहाज ‘एफवी अल कंबर’ के अपहरण के आरोप में नौ सोमाली नागरिकों को आईएनएस त्रिशूल और सुमेधा की मदद से पकड़ा गया था।

वहीं, दूसरे मामले में आईएनएस कोलकाता ने दिसंबर 2023 में माल्टा के ध्वज वाले मालवाहक जहाज ‘एमवी एक्स-रुएन’ का अपहरण करने वाले सभी 35 आरोपियों को पकड़ा था। इन आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत भी आरोप लगाए गए और उन्हें दोषी ठहराया गया।

भाषा सुमित नेत्रपाल

नेत्रपाल


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