लातूर, 12 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी)द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शनिवार को लातूर में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया और इसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार भी शामिल हुए।
पवार ने ‘मोर्चा’ (विरोध प्रदर्शन) के बाद जिला परिषद में अभ्यर्थियों की एक सभा को संबोधित करते हुए एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की।
राकांपा (शप) विधायक ने धाराशिव जिले के परंडा में एमपीएससी अभ्यर्थी प्रथमेश देशमुख की आत्महत्या का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने से हुए भावनात्मक सदमे ने युवाओं को यह चरम कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
पवार ने कहा कि देशमुख की मौत के लिए व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, वह एक होनहार छात्र था और उसने स्कूल में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था और उसे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर कई बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने का मौका मिला था।
विधायक ने कहा, ‘‘उनके पिता का निधन चार साल पहले हो गया था। उनके पिता का सपना था कि वह एक अधिकारी बनें। वह पढ़ाई के लिए पुणे गए थे और उनकी बड़ी बहन उनके खर्च के लिए हर महीने उन्हें 10,000 रुपये भेजती थीं।’’
पवार ने सवाल किया, ‘‘इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? व्यवस्था जिम्मेदार है। एमपीएससी के अध्यक्ष और भ्रष्टाचार में संलिप्त लोग जिम्मेदार हैं।’’
उन्होंने कोल्हापुर के एक और अभ्यर्थी सुशांत बल्लाल की मौत का ज़िक्र करते हुए छात्रों से आत्महत्या जैसे कदम नहीं उठाने की अपील की।
पवार ने कहा, ‘‘कृपया आत्महत्या न करें। यह लड़ाई हमारी है। हम यह लड़ाई जीतेंगे और पारदर्शी एमपीएससी परीक्षाओं के लिए लड़ना जारी रखेंगे।’’
भाषा धीरज दिलीप
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