पुणे कार दुर्घटना : अदालत ने नाबालिग के पिता को चालक के अपहरण मामले में पुलिस हिरासत में भेजा

पुणे कार दुर्घटना : अदालत ने नाबालिग के पिता को चालक के अपहरण मामले में पुलिस हिरासत में भेजा

पुणे कार दुर्घटना : अदालत ने नाबालिग के पिता को चालक के अपहरण मामले में पुलिस हिरासत में भेजा
Modified Date: May 28, 2024 / 04:53 pm IST
Published Date: May 28, 2024 4:53 pm IST

पुणे, 28 मई (भाषा) पुणे की एक अदालत ने मंगलवार को पोर्श कार दुर्घटना में कथित रूप से शामिल एक किशोर के पिता को परिवार के चालक के कथित अपहरण और बंधक बनाने के मामले में 31 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

अदालत ने इसी मामले में आरोपी किशोर के दादा की पुलिस हिरासत भी 31 मई तक बढ़ा दी।

दोनों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) ए.ए. पांडे के समक्ष पेश किया गया।

दोनों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 365 (अपहरण) और 368 (गलत तरीके से छिपाना या बंधक बनाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुणे शहर के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई की सुबह कथित तौर पर नाबालिग द्वारा चलाई जा रही तेज रफ्तार पोर्श कार की चपेट में आने से दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि हादसे के वक्त किशोर नशे में था।

नाबालिग के पिता एवं रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल (50) किशोर न्याय अधिनियम के तहत दर्ज मामले में पहले ही न्यायिक हिरासत में हैं।

पुलिस ने आरोप लगाया है कि विशाल अग्रवाल और उनके पिता सुरेंद्र अग्रवाल (77) ने अपने चालक को पैसे का लालच और धमकी देकर दुर्घटना की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने के लिए दबाव डाला।

इस सिलसिले में सुरेंद्र अग्रवाल को 25 मई को गिरफ्तार किया गया और फिर अदालत ने उन्हें 28 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

भाषा

शफीक दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में