राज ठाकरे ने ‘नीट’ की आवश्यकता पर सवाल उठाया, शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग की
राज ठाकरे ने ‘नीट’ की आवश्यकता पर सवाल उठाया, शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग की
मुंबई, 14 मई (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक (यूजी) की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
नीट-यूजी 2026 के रद्द होने के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच राज ठाकरे ने यह मांग की।
मनसे प्रमुख ने कहा कि सरकार हर चीज को एक केंद्रीकृत प्राधिकरण के अधीन लाने के लिए इतनी ‘अति उत्साही’ है कि उसे इस बात की कोई परवाह नहीं है कि लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त ही क्यों न हो जाए।
राज ठाकरे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कई वर्षों से एक ही व्यक्ति (प्रधान) केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद पर अडिग है।
उन्होंने कहा कि प्रधान के कार्यकाल में नीट प्रणाली में कई ‘अनियमितताओं’ और ‘घोटालों’ के बावजूद यह ‘महोदय’ अब भी पद पर बने हुए हैं।
मनसे प्रमुख ने कहा, “यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि क्या उन्हें यह निरंतर कार्यकाल इसलिए मिला है क्योंकि वह पूरे देश में हिंदी भाषा थोपने के एजेंडे को इतनी लगन से आगे बढ़ा रहे हैं? मैं प्रधानमंत्री से विनम्र निवेदन करता हूं, कृपया अपने इस मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग करें, जिन्होंने बार-बार 22 लाख विद्यार्थियों के जीवन और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।”
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बीच तीन मई को हुई नीट (स्नातक) 2026 परीक्षा रद्द कर दी और सरकार ने सीबीआई को ‘अनियमितताओं’ की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया।
मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा अब नए सिरे से होगी, जिसकी तिथियां अलग से अधिसूचित की जाएंगी। राज ठाकरे ने कहा कि केंद्र सरकार हर मामले में ‘अराजकता’ उत्पन्न करने और जनता को बंधक बनाने की अपनी परंपरा को जारी रखे हुए है।
उन्होंने कहा कि ‘नीट प्रश्न पत्र लीक’ ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया है। राज ठाकरे ने जानना चाहा कि जब केंद्र सरकार को कथित गड़बड़ी का पता चला तो उसने क्या किया।
राज ठाकरे ने कहा कि सरकार ने केवल परीक्षा रद्द कर दी और सीबीआई जांच का आदेश दिया।
मनसे प्रमुख ने कहा कि 2024 में इसी तरह के एक मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया गया था लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
भाषा जितेंद्र प्रशांत
प्रशांत

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