अधिकार समूह ने आदिवासी छात्रावासों को ‘आरएसएस से जुड़े’ ट्रस्ट को सौंपने का दावा किया, आंदोलन शुरू
अधिकार समूह ने आदिवासी छात्रावासों को 'आरएसएस से जुड़े' ट्रस्ट को सौंपने का दावा किया, आंदोलन शुरू
नागपुर, दो सितंबर (भाषा) आदिवासियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक समूह ने महाराष्ट्र सरकार पर लगभग 500 आदिवासी छात्रावासों का कामकाज ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े’ एक ट्रस्ट को सौंपने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। लेकिन अधिकारियों ने इस दावे को ‘बेबुनियाद’ बताया है।
‘आदिवासी अधिकार बचाव कृति समिति’ ने सोमवार को अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया। समिति ने कहा कि अगर सरकार 10 दिनों के भीतर अपना फैसला वापस नहीं लेती है, तो वे नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
आदिवासी विकास विभाग और ‘दिवंगत लक्ष्मणराव मानकर मेमोरियल ट्रस्ट’ के बीच हुए समझौता ज्ञापन का ज़िक्र करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इससे आदिवासी छात्रों की शिक्षा, पोषण और सुरक्षा पर बुरा असर पड़ेगा। आदिवासी समूह का दावा है कि इस ट्रस्ट के आरएसएस से संबंध हैं।
समिति के सह-समन्वयक रजत महेशगवली ने दावा किया कि सरकार ने 490 आदिवासी छात्रावास पूरी तरह से मानकर ट्रस्ट को सौंप दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रावासों के निजीकरण की एक साजिश है।
उन्होंने कहा, ‘‘आदिवासी छात्रों की शिक्षा, पोषण, रहने की व्यवस्था, सुरक्षा और बुनियादी अधिकारों से जुड़ी व्यवस्थाएं किसी भी अनावश्यक दखल से मुक्त होनी चाहिए।’
उन्होंने बताया कि उन्होंने सरकार को समझौता ज्ञापन वापस लेने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम आरएसएस के मुख्यालय के सामने धरना देंगे।’’ आरएसएस ने समिति के इस दावे पर अब तक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भाषा संतोष मनीषा
मनीषा

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