जरांगे के प्रस्तावित मुंबई मार्च को रोकने की मांग वाली याचिका पर फैसला सुनाने से अदालत का इनकार
जरांगे के प्रस्तावित मुंबई मार्च को रोकने की मांग वाली याचिका पर फैसला सुनाने से अदालत का इनकार
मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के शहर तक प्रस्तावित विरोध मार्च पर कोई भी आदेश सुनाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार कानून-व्यवस्था की किसी भी संभावित स्थिति को संभालने में सक्षम है।
मुख्य न्यायाधीश एम सी त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने कहा कि वह सिर्फ इस आशंका के आधार पर रोक लगाने वाला आदेश नहीं दे सकती कि पिछले साल जैसी स्थिति फिर से बन सकती है जब जरांगे की भूख हड़ताल के कारण दक्षिण मुंबई ठप हो गई थी।
न्यायाधीशों ने कहा कि वे किसी व्यक्ति को सिर्फ आशंका के आधार पर प्रदर्शन करने से नहीं रोक सकते, जो उसका कानूनी अधिकार है।
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘हम एक लोकतांत्रिक देश में हैं।’’
अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि वह जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में भूख हड़ताल पर बैठे जरांगे को जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता दिलाए।
अदालत ने कहा, ‘‘राज्य सरकार को दखल देना चाहिए और उनसे बात करनी चाहिए… इस चरण में हम दखल नहीं दे सकते। जब कोई स्थिति पैदा होगी, तब हम देखेंगे।’’
महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने अदालत को बताया कि सरकार को जरांगे से मुंबई में विरोध प्रदर्शन की अनुमति के लिए कोई आवेदन नहीं मिला है।
अदालत शहर के निवासियों नीलेश दहानुकर और राजेश दलवी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने जरांगे और उनके हजारों समर्थकों के मुंबई तक प्रस्तावित मार्च को रोकने के लिए अदालत से हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।
उच्च न्यायालय ने सरकार और जरांगे को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा और कहा कि राज्य प्रशासन ऐसी स्थितियों को संभालने में सक्षम है।
उसने कहा, ‘‘अगर कोई कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेता है, तो राज्य उसे संभालने में सक्षम है। अगर कोई कानून के प्रावधानों के खिलाफ काम करता है, तो राज्य उससे निपटने में पूरी तरह सक्षम है।’’
अदालत ने कहा कि अगर पिछले साल जैसी स्थिति पैदा होती है, तो अदालत खुद उसे संभालने में सक्षम है।
नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे जरांगे ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उनका मुंबई तक मार्च करना तय है। उन्होंने कहा था कि 12 सितंबर को उनके मौजूदा प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों के इकट्ठा होने के बाद तारीख का ऐलान किया जाएगा।
भाषा वैभव मनीषा
मनीषा

Facebook


