मुंबई, 19 जनवरी (भाषा) कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड ने सोमवार को आरोप लगाया कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर हमला हुआ जिसमें उम्मीदवारों पर चुनाव मैदान से हटने के लिए दबाव डाला जाना, पैसे का वितरण और मतगणना के दौरान अनियमितताएं शामिल थीं।
हाल में संपन्न निकाय चुनाव वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए), आरएसपी और आरपीआई (गवई) के साथ गठबंधन में लड़ने वाली कांग्रेस ने अपने इतिहास में अब तक का सबसे कमजोर प्रदर्शन किया और 227 सदस्यीय बीएमसी में केवल 24 सीट पर चुनावी सफलता पाई।
वर्ष 2017 के चुनाव में कांग्रेस ने 31 सीट जीती थीं।
बीएमसी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। भाजपा ने 89 और शिवसेना ने 29 सीट जीतीं। वहीं शिवसेना (उबाठा) ने 65 सीट हासिल कीं और उसकी सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) छह सीट पर विजयी रही।
गायकवाड ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि 15 जनवरी को हुए चुनाव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर हमले हुए, जिनमें उम्मीदवारों पर नामांकन वापस लेने का दबाव, धन का वितरण और मतगणना के दौरान अनियमितताएं शामिल थीं।
उन्होंने नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात के बाद कहा, “इन बाधाओं के बावजूद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों ने साहस के साथ मुकाबला किया और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए डटे रहे।”
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष गायकवाड ने कहा कि कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि नगर प्रशासन जिम्मेदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करे। उन्होंने कहा, “हमारे निर्वाचित प्रतिनिधि निगम के भीतर ‘मुंबईकरों’ की आवाज उठाएंगे और उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे।”
गायकवाड ने चुनाव नहीं जीत पाने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों से भी जमीनी स्तर पर अपना काम जारी रखने की अपील की।
भाषा अमित माधव
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