अमरावती, छह मार्च (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में शामिल विभिन्न आरोपियों की 441 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर ली है। यह घोटाला कथित तौर पर राज्य में पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान हुआ था।
जब्त की गई संपत्तियों में मुख्य आरोपी केसिरेड्डी राजशेखर रेड्डी, उनके परिवार के सदस्यों और संबंधित संस्थाओं, अन्य आरोपियों जैसे बूनेटी चाणक्य और उनकी संबंधित संस्थाओं और रिश्तेदारों, और डोंथिरेड्डी वासुदेव रेड्डी की संस्थाओं के अलावा कुछ अन्य लोगों से संबंधित बैंक जमा, सावधि जमा, भूखंड और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं।
ईडी ने एक बयान में कहा कि 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद, नवगठित राज्य सरकार (मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी नेता जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में) ने आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एपीएसबीसीएल) द्वारा संचालित सरकारी खुदरा दुकानों (जीआरओ) के माध्यम से खुदरा शराब की दुकानों पर “एकाधिकार” स्थापित कर लिया।
वाईएसआरसीपी ने कहा कि ऐसे सभी आरोप निराधार हैं।
एक आपराधिक साजिश के तहत, स्वचालित प्रणाली को जानबूझकर निष्क्रिय कर दिया गया और उसे एक मैनुअल प्रणाली से बदल दिया गया, जिससे आपूर्ति आदेश (ओएफएस) जारी करने में एपीएसबीसीएल अधिकारियों को असीमित विवेकाधीन शक्तियां प्राप्त हो गईं।
ईडी के अनुसार, इस कथित घोटाले के कारण राज्य सरकार को 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
आंध्र प्रदेश पुलिस की एसआईटी की शिकायत का संज्ञान लेते हुए, संघीय जांच एजेंसी ने कथित घोटाले की जांच के लिए सितंबर 2025 में पीएमएलए का मामला दर्ज किया।
भाषा प्रशांत नरेश
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