कोरेगांव भीमा हिंसा मामले में शरद पवार की चिट्ठी अब भी सीएमओ के पास होनी चाहिए : उद्धव

कोरेगांव भीमा हिंसा मामले में शरद पवार की चिट्ठी अब भी सीएमओ के पास होनी चाहिए : उद्धव

कोरेगांव भीमा हिंसा मामले में शरद पवार की चिट्ठी अब भी सीएमओ के पास होनी चाहिए : उद्धव
Modified Date: January 8, 2026 / 09:35 pm IST
Published Date: January 8, 2026 9:35 pm IST

मुंबई, आठ जनवरी (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने एक जांच आयोग को सूचित किया है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार द्वारा 2018 के कोरेगांव भीमा हिंसा के संबंध में लिखे गए कुछ पत्र अब भी मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के पास होने चाहिए।

हिंसा की जांच के लिए गठित आयोग ने अक्टूबर 2025 में पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे को नोटिस जारी कर पवार द्वारा प्रस्तुत कुछ दस्तावेजों और पत्रों को पेश करने को कहा था।

उद्धव ने पिछले सप्ताह आयोग को सौंपे गए अपने हलफनामे में कहा कि पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को संबोधित थे, और स्थापित प्रक्रिया और प्रशासनिक प्रथाओं के अनुसार, प्राप्त सभी पत्राचार आधिकारिक तौर पर सीएमओ में जमा और सुरक्षित रखे जाते हैं।

 ⁠

ठाकरे के हलफनामे के अनुसार, उन्हें बहुजन वंचित आघाडी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर द्वारा प्रस्तुत एक आवेदन से पता चला कि पवार ने 2020 में उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में हिंसा के संबंध में दो पत्र लिखे थे।

इस मामले के गवाह आंबेडकर ने पिछले साल फरवरी में एक आवेदन दायर कर ठाकरे को पवार द्वारा भेजे गए दस्तावेज़ पेश करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। आंबेडकर ने दावा किया है कि इन पत्रों में पवार ने पुणे के पास कोरेगांव भीमा में 2018 में हुई घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम बताए थे।

महाराष्ट्र सरकार ने हिंसा की जांच के लिए फरवरी 2018 में आयोग का गठन किया था। आयोग की अध्यक्षता बंबई उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जे एन पटेल कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्य सचिव सुमित मलिक इसके सदस्य हैं।

पुणे पुलिस के अनुसार, 1818 में हुए कोरेगांव-भीमा युद्ध की द्विशताब्दी समारोह के दौरान पुणे जिले में युद्ध स्मारक के पास एक जनवरी, 2018 को जातिगत समूहों के बीच हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 10 पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में