पुणे, नौ जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 15 जनवरी को होने वाले पुणे नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रचार कर रहे शिवसेना उम्मीदवारों पर कथित पथराव की घटना की शुक्रवार को निंदा की और कहा कि वह और उनके कार्यकर्ता ऐसी कायरतापूर्ण राजनीति से नहीं डरते।
शिंदे के पार्टी सहयोगी प्रमोद नाना भानगिरे ने आरोप लगाया था कि बुधवार देर शाम हडपसर के काले पडल इलाके में उन पर और सारिका पवार पर पथराव किया गया। भानगिरे और पवार दोनों वार्ड नंबर 41 से उम्मीदवार हैं। भानगिरे ने दावा किया कि पथराव में पवार को मामूली चोट आई जबकि उनकी कार का सामने का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।
यहां कटराज में एक रैली को संबोधित करते हुए शिंदे ने घटना का उल्लेख किया और कहा, ‘मैं विपक्षी दलों को चेतावनी देता हूं कि वे ऐसी कायरतापूर्ण हरकतें न करें। शिवसैनिक डरने वाले नहीं हैं। हम बालासाहेब ठाकरे के सैनिक हैं और शिवसेना अपने कार्यकर्ताओं को कभी अकेला नहीं छोड़ती।’
रैली में शिंदे ने मुंबई की एक घटना का भी जिक्र किया जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने शिवसेना को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर ’50 खोखे’ के नारे लगाए।
यह नारा जून 2022 में बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी में विभाजन के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट द्वारा गढ़ा गया था।
शिवसेना (उबाठा) लगातार यह आरोप लगाती रही है कि एकनाथ शिंदे और उनके साथ विद्रोह करने वाले प्रत्येक विधायक को पार्टी तोड़ने के लिए 50-50 करोड़ रुपये मिले थे।
शिंदे ने ’50 खोखे’ वाले नारे से जुड़े विवाद को तूल न देते हुए कहा कि उनकी पार्टी और भाजपा मुंबई नगर निकाय चुनाव एकजुट होकर लड़ रही है।
शिंदे ने विश्वास जताते हुए कहा कि शिवसेना पुणे में अपनी ताकत दिखाएगी।
उन्होंने कहा, ‘शिवसेना को केवल इसलिए हल्के में न लें क्योंकि वह अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। शिवसेना बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर चलती है और यही हिंदुत्व की विचारधारा है।’
पुणे और पिंपरी-चिंचवड में भाजपा और शिवसेना अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं जबकि अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शरद पवार की राकांपा-शरदचंद्र पवार के साथ गठबंधन किया है।
भाषा प्रचेता पवनेश
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