कभी नहीं भरेंगे बागियों के पेट, बंद हो चुके हैं उनके लिए दरवाजे, आदित्य ठाकरे ने कही ये बात

कभी नहीं भरेंगे बागियों के पेट, बंद हो चुके हैं उनके लिए दरवाजे, आदित्य ठाकरे ने कही ये बात

जरूरत से ज्यादा बड़ी महत्वाकांक्षाएं’’पालने के लिए शिवसेना के नेता आदित्य ठाकरे ने रविवार को पार्टी के बागी विधायकों की कड़ी आलोचना की और कहा कि यदि सभी विधायक बागी हो जाएं

Edited By: , June 26, 2022 / 07:14 PM IST

मुंबई: ‘‘जरूरत से ज्यादा बड़ी महत्वाकांक्षाएं’’पालने के लिए शिवसेना के नेता आदित्य ठाकरे ने रविवार को पार्टी के बागी विधायकों की कड़ी आलोचना की और कहा कि यदि सभी विधायक बागी हो जाएं, तब भी जीत पार्टी की ही होगी। साथ ही उन्होंने बागी विधायकों को फिर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। आदित्य ने मुंबई में लगातार दूसरे दिन शिवसेना कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि बागी विधायकों के लिए राज्य और पार्टी के द्वार बंद हो गए हैं।

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शिवसेना के अध्यक्ष व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य (30) ने कहा, ”दोबारा चुनाव लड़िए, हम आपको हराकर दिखाएंगे।” भारतीय जनता पार्टी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि उन्हें शर्म आती है कि एक पार्टी, जो केंद्र और असम में सत्ता में है, उसने दूसरे राज्य से दूसरे सत्तारूढ़ दल के विधायकों को ले जाकर पूर्वोत्तर के एक राज्य में रख रखा है, जो बाढ़ की चपेट में है। आदित्य ने कहा कि विद्रोहियों को ”कैदियों” की तरह गुवाहाटी ले जाया गया है और लगभग 12 से 14 विधायक अब भी हमारे संपर्क में हैं।

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राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री आदित्य ने कहा, जब ये विधायक राज्य विधानसभा में आएं, तो हमारी आंखों में आंखें डालने की हिम्मत दिखाएं और हमें बताएं कि हमने उनके लिए क्या नहीं किया है। इन लोगों की महत्वाकांक्षाएं कभी खत्म नहीं होने वालीं।” आदित्य ने कहा कि सभी विधायकों को पर्याप्त विकास निधि उपलब्ध कराया गया । ठाकरे ने कहा कि शिवसेना आम लोगों की आवाज बन गई है।

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शिवसेना के अधिकांश विधायकों ने बागी विधायक एकनाथ शिंदे का समर्थन किया है और वे फिलहाल भाजपा शासित राज्य असम के गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं। शिंदे और उनके समूह ने दावा किया है कि वे ”असली शिवसेना” का प्रतिनिधित्व करते हैं। ठाकरे कहा, ”शिवसेना में एकनाथ शिंदे के लिए बहुत सम्मान था। मई में उनसे पूछा भी गया था कि क्या वह मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं … मुझे उन पर दया आती है, मैं आक्रोशित नहीं हूं। वह बगावत करके सूरत और फिर गुवाहाटी भागने के बजाय ठाणे या मुंबई में रहकर अपनी महत्वाकांक्षाएं जाहिर कर सकते थे।”

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इससे पहले शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बागी विधायकों को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि मुंबई हवाईअड्डे से विधान भवन तक जाने वाली सड़क वर्ली से होकर गुजरती है। मुंबई का वर्ली इलाका पारंपरिक रूप से शिवसेना का गढ़ रहा है, जहां से आदित्य ठाकरे विधायक हैं। विद्रोही समूह ने कहा है कि उसे विधायक दल में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त है और वह सदन में अपनी शक्ति साबित करेगा। असंतुष्टों ने अपने समूह का नाम ”शिवसेना (बालासाहेब)” रखा है। आदित्य ने अपने संबोधन में कहा था, ”हवाईअड्डे से विधान भवन तक का रास्ता वर्ली से होकर गुजरता है। अच्छा हुआ कि बागी (शिवसेना से) चले गए। पार्टी में विद्रोहियों के लिए कोई जगह नहीं है।’

 

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