राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर शिवसेना नेता अडसुल ने निराशा जताई
राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर शिवसेना नेता अडसुल ने निराशा जताई
मुंबई, छह मार्च (भाषा) शिवसेना के वरिष्ठ नेता आनंदराव अडसुल ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर निराशा जताई है।
शिवसेना की ज्योति वाघमारे ने बृहस्पतिवार को पार्टी की एकमात्र उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अडसुल ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष एकनाथ शिंदे को बता दिया है कि वह निराश हैं।
अडसुल ने दावा किया कि भाजपा ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि उन्हें राज्यपाल बनाया जाएगा। पांच बार सांसद रह चुके वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने के लिए और अमरावती से भाजपा उम्मीदवार के रूप में उस समय की सांसद नवनीत राणा के पक्ष में अपने दावा वापस लेने के लिए मनाया गया था और राज्यपाल बनाने का वादा किया गया था।
अडसुल ने कहा, ‘‘मैं निराश क्यों नहीं रहूंगा।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘10 राज्यपालों की नियुक्ति की गई है। राज्यपाल का पद तो छोड़िए, कम से कम राज्यसभा उम्मीदवार बना देते। मुझे लिखित में (राज्यपाल बनाने का) आश्वासन दिया गया था।’’
शिवसेना नेता ने कहा कि पार्टी को उनके बेटे अभिजीत अडसुल को संसद के उच्च सदन में भेजना चाहिए था।
अडसुल ने कहा, ‘‘मेरा बेटा पूर्व विधायक है और वरिष्ठ पायलट था। उसे शिवसेना का सचिव बनाया गया था और उसने अन्य राज्यों में पार्टी के विकास में मदद की है।’’
राज्यसभा के लिए शिवसेना उम्मीदवार की दौड़ में पूर्व सांसद गजानन कीर्तिकर, राहुल शेवाले और हेमंत गोडसे के नाम भी थे।
वाघमारे के नामांकन के बाद शिंदे ने बृहस्पतिवार को कहा था, ‘‘कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश गया है कि पार्टी मेहनती लोगों का ध्यान रखती है।’’
भाषा वैभव रंजन
रंजन

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