शिवसेना सांसद संजय दीना पाटिल ने पत्रकारों को अपशब्द कहे; शिंदे ने खेद जताने को कहा

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शिवसेना सांसद संजय दीना पाटिल ने पत्रकारों को अपशब्द कहे; शिंदे ने खेद जताने को कहा

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 05:35 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 05:35 PM IST

मुंबई, 25 जून (भाषा) हाल ही में शिवसेना में शामिल हुए सांसद संजय दीना पाटिल ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों को कथित तौर पर अपशब्द कहे और उन्हें धमकाया, जिसके बाद पार्टी प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनसे खेद जताने को कहा।

मुंबई उत्तर-पूर्व से सांसद पाटिल उन छह शिवसेना (उबाठा) सांसदों में शामिल थे जो हाल ही में शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल हो गए।

पाटिल ने पत्रकारों से कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, ‘‘तुम मेरे मामलों में क्यों दखल दे रहे हो? अगर तुम दोबारा आए, तो मैं तुम्हें मार डालूंगा।’’

इससे पहले, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर पाटिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पाटिल ने कथित तौर पर कहा था कि अगर कोई उनका (पार्टी बदलने को लेकर) विरोध करता है, तो वह उन पर ‘बम फेंकेंगे’, उनके घरों में घुसेंगे और ‘उन्हें मार डालेंगे।’

पाटिल की बेटी और पार्षद राजुल पाटिल ने कहा था कि अपने पिता के पाला बदलने के बावजूद वह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के साथ ही रहेंगी।

जब कुछ पत्रकारों ने संजय दीना पाटिल से पुलिस को लिखे राउत के पत्र और उनकी बेटी के रुख के बारे में बात करने की कोशिश की, तो वह आपा खो बैठे। बातचीत के वीडियो में उन्हें पत्रकारों को धमकाते और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए देखा गया।

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने राज्य विधानसभा परिसर के बाहर उनकी प्रतिक्रिया पूछे जाने पर मामले को संभालने की कोशिश की।

शिंदे ने कहा, ‘‘संजय दीना पाटिल का पत्रकारों का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था…अगर उनकी बातों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह खेद व्यक्त करने को तैयार हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने संजय दीना पाटिल से साफ़ तौर पर कहा है कि अगर उन्होंने कोई आपत्तिजनक टिप्पणी की है, तो उन्हें अफ़सोस ज़ाहिर करना चाहिए।’’

राउत का नाम लिए बिना शिंदे ने कहा कि बार-बार हो रहे निजी हमलों से पाटिल नाराज थे।

शिंदे ने कहा, ‘‘2022 से (जब शिंदे ने शिवसेना को विभाजित किया), आप सभी ने देखा है कि मीडिया के सामने किस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिवार के सदस्यों का ज़िक्र किया जाता है और लोगों से दूसरों के घरों में घुसने के लिए कहा जाता है। संजय दीना पाटिल को ऐसी भाषा से घृणा है। वे न तो मीडिया के ख़िलाफ़ हैं और न ही पत्रकारों से नाराज़ हैं।’’

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह पूरी जानकारी मिलने के बाद ही इस पर कोई टिप्पणी करेंगे।

फडणवीस ने कहा, ‘‘मैं यात्रा पर था और मुझे इस पूरे विवाद के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे पहले सारी जानकारी जुटा लेने दीजिए। किसी भी व्यक्ति को धमकाना गलत है।’’

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद संजय पाटिल ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि जब उनके पिता दीना पाटिल (पूर्व कांग्रेस विधायक) पर हमला हुआ था तो पांच लोग मरे थे। उन्होंने इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा।

भाषा आशीष नरेश

नरेश